मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा, Election Commission को खुद को मजबूत करना होगा

Election commission, CEC Sunil Arora, Gujarat, Ahmedabad

अहमदाबाद. भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि 26 नवंबर 1950 को भारत के संविधान को लागू किया गया था और संयोग से उसकी 70वीं वर्षगांठ करीब है। ऐसे में आगे की राह पर विचार-विमर्श के लिए हमारे पास एक उल्लेखनीय अवसर है।
अहमदाबाद के एक निजी विश्वविद्यालय में भारत में चुनाव कानून के विकास एवं चलन विषय पर व्याख्यान देते हुए अरोड़ा ने कहा कि हमारा संविधान एक जीवित दस्तावेज है। कई मायनों में यह एक उभरता हुआ दस्तावेज भी है जो कई बार समय के परीक्षण पर खरा उतरा है। अपनी स्थापना के बाद से ही संविधान ने हरेक भारतीय के लिए अधिकारों और कर्तव्यों के साथ-साथ समानता, स्वतंत्रता और गरिमा की त्रिमूर्ति स्थापित की है जिसने जीवन को सार्थक बनाया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि किसी अन्य संस्थान की तरह चुनाव आयोग को भी नई एवं उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए खुद को लगातार मजबूत करना होगा।

यह चुनाव यात्रा उल्लेखनीय रही है। लेकिन हम पिछली प्रशंसाओं के कारण नहीं बैठ सकते। आयोग कहीं अधिक सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि प्रक्रियाओं को समय और मौजूदा तकनीक के अनुकूल बनाया जा सके और मतदाता भागीदारी बढ़ाई जा सके। हाल में गायब रहने वाले मतदाताओं की अवधारणा को हमारी प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। हमें मतदाताओं की पात्रता के लिए एक से अधिक तिथियों की उम्मीद करते हैं।

Uday Kumar Patel
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