राष्ट्र कथा शिविर में भीषण आग, तीन छात्राओं की मौत

Gyan Prakash Sharma

Publish: Jan, 13 2018 07:25:55 PM (IST)

Ahmedabad, Gujarat, India
राष्ट्र कथा शिविर में भीषण आग, तीन छात्राओं की मौत

राजकोट जिले के प्रांसला की दर्दनाक घटना, दो की हालत गंभीर, ५० पाण्डाल जलकर खाक

राजकोट. जिले की उपलेटा तहसील के प्रांसला गांव के निकट वैदिक मिशन ट्रस्ट के स्वामी धर्मबंधु प्रेरित राष्ट्रकथा शिविर में शुक्रवार मध्यरात्रि बाद भीषण आग लग गई। इसमें तीन छात्राओं की मौत हो गई और ३८ छात्राएं झुलस गई, दो की हालत गंभीर है। हवा के कारण देखते ही देखते आग फैल गई, इस कारण ६० पाण्डाल खाक हो गए, यह सभी पाण्डाल महिला विभाग के थे। झुलसी छात्राओं को उपलेटा व राजकोट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूचना मिलने पर राजकोट के जिला कलक्टर विक्रांत पांडे, अतिरिक्त कलक्टर हर्षद वोरा, जिला पुलिस अधीक्षक अंतरीप सूद के अलावा सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान, १५ से अधिक फायर फाइटर, १०८ की एम्बुलेंस, पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य किया। डेढ़-दो घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
20वीं राष्ट्रकथा का आयोजन :
उपलेटा से ३० किलोमीटर दूर प्रांसला में वैदिक मिशन ट्रस्ट की ओर से राष्ट्रकथा शिविर हर वर्ष आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भी स्वामी धर्मबंधु प्रेरित २०वीं राष्ट्रकथा का आयोजन किया गया। पिछले शनिवार से शुरू हुए शिविर में शुक्रवार रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद शिविरार्थियों ने भोजन किया और पाण्डाल में आराम कर रहे थे। इस दौरान मध्य रात्रि एक पाण्डाल में लगी आग की लपटें अन्य ५०-६० पाण्डाल तक पहुंच गई। महिला विभाग में आग लगने से भगदड़ मच गई। करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। देखते-देखते करीब ६० पाण्डाल खाक हो गए।
१६,००० से अधिक के लिए बनाए पाण्डाल :
पांच बीघा क्षेत्र में देशभर से करीब १६ हजार विद्यार्थियों के लिए करीब ४०० पाण्डाल बनाए गए थे। राष्ट्रकथा शुरू होने से पूर्व ही सेना व जल सेना के जवान प्रांसला में पहुंच गए। शिविर में सीएम विजय रुपाणी सहित देश के प्रसिद्ध चिंतक, वैज्ञानिक, सुरक्षा सलाहकार व सरकार में शमिल हस्तियों ने भाग लिया था।
दरवाजे तोड़कर निकाला :
प्रांसला में छात्राओं के पाण्डाल के चारों ओर पक्की दीवार एवं बड़े दरवाजे लगाए गए थे। बचाव कार्य के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने दीवार एवं दरवाजे तोड़कर छात्राओं को बाहर निकाला। शिविर का शनिवार को अंतिम दिन होने के कारण कुछ शिविरार्थी अपने घर चले गए थे, ऐसे में ५०० छात्राएं ही उपस्थित थी, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी। शिविर में सेना व महिला पुलिस की मौजूदगी के कारण भी बचाव कार्य तेजी से हुआ। आग से १०० मीटर की दूरी पर ही एनडीआरएफ की बटालियन के टैंट होने के कारण एनडीआरएफ जवान, सेना व जल सेना के जवान भी पहुंच गए थे।
आसपास से भी बुलाए फायर फाइटर, 40 एंबुलेंस :
धोराजी, उपलेटा के अलावा पोरबंदर के फायर फाइटरों को बुलाया गया था। आग में झुलसी व दम घुटने से बेहोश हुई छात्राओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए आपातकालीन सेवा १०८ की १६ सहित ४० एम्बुलेंसों की व्यवस्था की गई।
आग के कारण शिविर की जल्दी पूर्णाहुति
गत शनिवार से शुरू हुआ शिविर शनिवार को पूरा होने वाला था, लेकिन आग की घटना के चलते शिविर का शुक्रवार रात को ही समापन घोषित कर दिया गया और सभी शिविरार्थियों को कपड़े, रुपए व बस की व्यवस्था करके गंतव्य स्थान पर भेजा गया।

शॉर्ट सर्किट से लगी आग, जांच जारी : कलक्टर
जिला कलक्टर विक्रांत पांडे ने बताया कि प्राथमिक दृष्टि से आग शॉर्ट सर्किट से लगने का अनुमान है, इसके बावजूद जांच जारी है।
डर को दूर करने के लिए काउन्सलिंग :
कलक्टर ने बताया कि आग के कारण घबराई किशोरियों में फैले डर को दूर करने के लिए सेना के अधिकारियों ने देर रात को काउन्सलिंग की और छात्राओं के डर को दूर करने का प्रयास किया। आग में झुलसने से तीन किशोरियों की मौत हो गई। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के अधिकारियों ने जांच शुरू की है।
इनकी हुई मौत :
राजकोट जिले की जसदण तहसील के आंबरडी गांव निवासी व ९वीं की छात्रा किंजल अरजण शियाळ (१४), सुरेन्द्रनगर जिले की सायला तहसील के धमरासळा गांव निवासी व ११वीं की छात्रा वनीता सवशीभाई जमोड (१६) एवं मोरबी जिला के समजुबा विद्यालय में ९वीं की छात्रा कृपाली अशोक दवे (१४) की मौत हो गई। मौके पर चिकित्सकों की टीम बुलवाकर शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया।

सीएम ने दुख जताया, जांच के दिए आदेश
मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने राजकोट जिले के प्रांसला में राष्ट्र कथा शिविर में लगी आग की दुर्घटना के प्रति दु:ख व्यक्त किया। साथ ही इस घटना की जांच के लिए राजकोट कलक्टर को आदेश दिए हैं।
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मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की मदद
मुख्यमंत्री ने इस आग की दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले 3 बच्चियों की मौत के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री रुपाणी ने मृतकों के परिजनों को राहत निधि में चार-चार लाख रुपए की मदद की घोषणा की है। रुपाणी ने आग की घटना की जानकारी मिलते ही राजकोट जिला प्रशासन को बचाव व मदद के लिए सतर्क किया।

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