Gujarat: फायर सेफ्टी मुद्दे पर गुजरात हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी , स्कूलों-अस्पतालों से जुड़े फायर एनओसी के विवरण पेश करने के निर्देश

Fire safety, Gujarat high court, schools, hospitals, Fire NOC

By: Uday Kumar Patel

Updated: 01 Jun 2021, 11:47 PM IST

अहमदाबाद. अग्नि शमन (फायर सेफ्टी) और इमारत उपयोग (बीयू) परमिशन के मामले को लेकर गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद महानगरपालिका से भारी नाराजगी जताई। फायर सेफ्टी से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश बेला बेन त्रिवेदी और न्यायाधीश भार्गव डी कारिया की खंडपीठ ने महानगरपालिका से स्कूलों व अस्पतालों के साथ-साथ मॉल और बहुमंजिला इमारतों में फायर एनओसी के विवरण पेश करने के निर्देश दिए हैं।
खंडपीठ ने राज्य की आठों महानगर पालिका और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वे 15 जून तक फायर सेफ्टी और फायर एनओसी का विस्तृत ब्यौरा व शपथपत्र पेश करें।
खंडपीठ ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से मनपा की ओर से फायर सेफ्टी से जुड़े मुद्दे पर क्या कार्रवाई की गई? जब तक कोर्ट कोई निर्देेश जारी नहीं करती या कोई पीआईएल दायर नहीं की जाती तब तक कुछ नहीं किया जाता। फायर सेफ्टी को लेकर कोई ध्यान नहीं देता। आम लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है।
न्यायाधीश त्रिवेदी ने महानगरापालिका से कहा कि सिर्फ कागजी बातें की जाती हैं, आदेश का अमल नहीं किया जाता। कोर्ट के आदेशों के बावजूद पालना नहीं की जा रही है। फायर सेफ्टी और बीयू से जुड़े आदेश वर्ष 2009 में कोर्ट की ओर से दिए जा चुके हैं लेकिन इतने वर्षों बाद भी आदेश की पालना नहीं हो रही। मनपा को सिर्फ फायर एनओसी ही नहीं बल्कि बीयू परमिशन पर भी जोर देना चाहिए।
खंडपीठ ने कहा कि मनपा के पास ज्यादा शक्तियां हैं। यदि किसी के वैध बीयू परमिशन नहीं है तो इसे तुरंत सील करने या फिर एक्शन लेना चाहिए। यदि अधिकारी बिना जांच किए फायर एनओसी या बीयू परमिशन दे रहे हैं तो उन पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस संबंध में यदि लोग इसकी पालना नहीं कर रहे हैं तो उन पर भी कार्रवाई की जाए।

Uday Kumar Patel Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned