अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में देश की प्रथम प्लाज्मा बैंक कार्यरत

कोरोना मरीजों के उपचार के लिए...
कोरोना को मात देने वाले 19 चिकित्सकों समेत 30 लोग कर चुके हैं प्लाज्मा के लिए रक्तदान

By: Omprakash Sharma

Published: 30 Jun 2020, 10:26 PM IST

अहमदाबाद. एशिया के सबसे बड़े अस्पताल के रूप में प्रसिद्ध अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में देश की प्रथम प्लाज्मा बैंक कार्यरत हो गई है। कोरोना को मात दे चुके 19 चिकित्सकों समेत तीस लोग इसमें प्लाज्मा के लिए रक्तदान कर चुके हैं। प्लाज्मा के लिए उन्हीं लोगों का रक्त लिया जाता है जो कोरोना के उपचार के बाद ठीक हो गए हैं।
सिविलअस्पताल परिसर में 1200 बेड हॉस्पिटल को कोरोना के उपचार के लिए समर्पित किया गया है। जिसमें कोरोना के मरीजों के उपचार के लिए प्लाज्मा थेरेपी से उपचार के लिए बैंक भी कार्यरत की गई है। अस्पताल के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (एसओडी) डॉ. एम.एम. प्रभाकर ने बताया कि इम्युनोहिमोटोलोजी एवं ब्लड ट्रान्सफ्यूजन विभाग की ओर से आधुनिक मशीनों के माध्यम से प्लाज्मा एकत्र किया जा रहा है। बैंक में प्लाज्मा उन लोगों से ही लिया जा रहा है जो कोरोना को मात दे चुके हैं। चिकित्सकों के अनुसार कोरोना को मात देने वाले मरीजों में एन्टीबॉडी विकसित होती है और ऐसे समय में लिए गए प्लाज्मा से अन्य मरीजों का उपचार संभव है। देश में यह प्रथम बैंक बताया जा रहा है।
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जे.पी. मोदी ने बताया कि कोरोना मरीजों के लिए प्लाज्मा थेरेपी काफी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। प्लाज्मा ट्रान्समीशन से मरीजों के सुधार को ध्यान में रखकर अस्पताल के 19 चिकित्सकों ने भी प्लाज्मा का दान किया है। अस्पताल के इम्युनोहिमोटोलोजी एवं ब्लड ट्रान्सफ्यूजन विभाग के प्रोफेसर डॉ. मैत्रेय गज्जर एवं एसोसिएटेड प्रोफेसर डॉ. निधि भटनागर के अनुसार स्वैच्छा से प्लाज्मा दान करने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कोरोना को मात देने वाले लोगों से संपर्क कर प्लाज्मा के लिए रक्तदान के लिए कहा जा रहा है। गौरतलब है कि अहमदाबदा की स्मृति ठक्कर ने देश में सबसे पहले प्लाज्मा के लिए रक्त का दान किया था।

Omprakash Sharma Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned