जीवन में मिठास घोलने के चार मंत्र

राष्ट्रसंत ललितप्रभ ने बताए

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 19 Jan 2019, 11:42 PM IST

पालनपुर. राष्ट्रसंत ललितप्रभ ने कहा कि जीवन में मिठास घोलने के चार मंत्र बताए। उन्होंने मुंबई में चातुर्मास पूरा कर सूरत, अहमदाबाद होते हुए जोधपुर जाते समय बनासकांठा जिले में अहमदाबाद-पालनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगाणा गांव के समीप भाग्यभूमि पारसनाथ जैन तीर्थ परिसर में श्रद्धालुओं को शनिवार सवेरे संबोधित करते हुए यह मंत्र बताए।


स्वभाव को सरल बनाने की कोशिश करें
जीवन में मिठास घोलने का पहला मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि ने स्वभाव को थोड़ा सरल बनाने की कोशिश करें। सरल स्वभाव वाले को पड़ोसन भी पसंद करती है और कड़वे स्वभाव वाले को घरवाली भी पसंद नहीं करती। अगर आप गुस्सैल हैं तो घर वाले आपके घर से बाहर जाने पर खुश होंगे और आप शांत हैं तो घर वाले आपके घर आने पर खुश होंगे। सोचो, आप घर वालों को किस तरह खुश रखना चाहते हैं।


शांत पत्नी काली भी होगी तो जीवन भर सुख देगी
उन्होंने शादी करने वाले युवक-युवतियों को सलाह दी कि वे रंग की बजाय स्वभाव पर ध्यान दें। गुस्सैल पत्नी अगर गौरी भी होगी तो दो दिन अच्छी लगेगी, पर शांत पत्नी काली भी होगी तो जीवन भर सुख देगी।


रंग की बजाय ढंग से महान बनें
उन्होंने कहा कि व्यक्ति काला है या गौरा, इसमें न तो उसकी कोई खामी है और न ही कोई खासियत। रंग खुद से नहीं बल्कि मां-बाप से प्राप्त होता है। व्यक्ति रंग को तो बदल नहीं सकता, पर जीवन जीने के ढंग को बदलकर अवश्य महान बन सकता है। उन्होंने कहा कि गौरे लोग दिन में दस बार आइना जरूर देखें और प्रेरणा लें कि जैसा मेरा रंग है मैं काम भी उतने ही सुंदर करूंगा और काले लोग दिन में बीस बार आइना देखें और सोचें कि भगवान ने चेहरा सुंदर नहीं दिया तो क्या हुआ, मैं काम बहुत सुंदर करूंगा और दुनिया में महान बनूंगा।


ज्यादा सिरपच्चियां न पालें
मिठास घोलने का दूसरा मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि बूढ़े लोग घर में इसलिए दुखी रहते हैं कि वे बेवजह की सिरपच्चियां मोल लेते रहते हैं। अगर बड़े-बुजुर्ग टोका-टोकी करना बंद कर दें तो दुनिया में ऐसा कोई भी बेटा-बहू नहीं है जो मां-बाप से अलग घर बसाकर रहना चाहे। उन्होंने सासुओं से कहा कि वे जितना ध्यान बहुओं का रखती है अगर उतना ध्यान भगवान का रखना शुरू कर दें तो उन्हें मोक्ष मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि हमसे तो वे पंछी कही ज्यादा अच्छे हैं जो पंख लगते ही बच्चों को खुला छोड़ देते हैं, पर हम जीवनभर बच्चों की सिरपच्चियो करते रहते हैं।


बताया जिंदगी का गणित
जिंदगी की गणित बताते हुए उन्होंने कहा कि हम सोमवार को जन्मे, मंगल को स्कूल गए, बुध को बड़े हुए, गुरु को शादी हुई, शुक्र को बच्चे हुए, शनि को बीमार पड़े और रवि को राम-राम सत् हो गए। हमारी इतनी तो छोटी-सी जिंदगी है फिर हम क्यों व्यर्थ की माथाफोडिय़ों में हाथ डालते रहते हैं?


खुश रहने की आदत डालिए
मिठास घोलने का तीसरा मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि इच्छाएं कम कीजिए और इच्छाशक्ति बढ़ाने की कोशिश कीजिए ताकि हम आगे बढ़ सकें। उन्होंने युवाओं से कहा कि आपको जिंदगी में जो पसंद है उसे हासिल कीजिए और बुजुर्ग लोग जो हासिल है उसे पसंद करना शुरू कर दें तो ज्यादा ठीक रहेगा। उन्होंने कहा कि हर हाल में खुश रहने की आदत डालिए। आपके पास मकान है, बैंक बैलेंस है, व्हीकल है, पत्नी है फिर भी आप दुखी हैं और मेरे पास इनमें से कुछ भी नहीं है फिर भी मैं सुखी हूं। सुख का राज इतना-सा है कि अगर हमारे पास केवल झौपड़ी है तो भी खुश रहें कि क्योंकि कइयों के पास तो छत भी नहीं है और कभी पांवों में जूते भी न रहे ऐसी नौबत आ जाए तो भी हर हाल में खुश रहना क्योंकि दुनिया में लाखों लोग ऐसे हैं जिनके पास पांव ही नहीं है।


मुस्कान बनाए रखें
मिठास घोलने का अंतिम मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि सदा मुस्कुराते हुए जीएं। जो मुस्कुराता है, समझना वो जिंदा है अन्यथा जिंदा आदमी भी मुर्दे से कम नहीं है इसलिए मुस्कान बनाए रखें। उन्होंने कहा कि हम मात्र दो सैकण्ड मुस्कुराते हैं तो फोटो सुंदर आता ह,ै सोचो अगर हम हर पल मुस्कुराएंगे तो जिंदगी कितनी सुंदर बन जाएगी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सदा मुस्कुराने की आदत डालने की अपील करते हुए कहा कि अगर यहां का हर व्यक्ति मुस्कुराते हुए जीएगा तो यह शहर-शहर नहीं रहेगा, हंसता-मुस्कुराता हुआ गुलाब का फूल बन जाएगा।

Rajesh Bhatnagar
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