क्रेडिट कार्ड का ओटीपी नंबर लेकर धोखाधड़ी, दो युवतियों समेत तीन को दिल्ली से पकड़ा

क्रेडिट कार्ड का ओटीपी नंबर लेकर धोखाधड़ी, दो युवतियों समेत तीन को दिल्ली से पकड़ा

Omprakash Sharma | Publish: Sep, 04 2018 09:55:23 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

बैंक कर्मी बनकर----
दिल्ली से पकड़ा

अहमदाबाद. बैंक अधिकारी बनकर क्रेडिट कार्ड की डिटेल व वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) जानने के बाद धोकाधड़ी करने वाले गिरोह का शहर की क्राईम ब्रांच पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दिल्ली से दो युवतियों समेत तीन को पकड़ा है। आरोपियों को सोमवार को अहमदाबाद लाया गया है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अनुसार शहर में रहने वाले दीपक कुमार मकवाणा को गत १८ मई को फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को बैंक का अधिकारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड की वेरीफिकेशन के लिए डिटेल मांगी थी। उस दौरन दीपक कुमार ने डिटेल देने से इनकार कर दिया। इसके बाद फिर से २२ मई को अज्ञात व्यक्ति का इसी संबंध में फोन आया था। जिससे दीपकभाई ने डिटेल दे दी थी। कुछ देर बाद मोबाइल फोन पर आए ओटीपी नंबर को भी अज्ञात व्यक्ति ने जान लिया था। पुलिस क अनुसार इसके कुछ ही देर बाद दीपकभाई के क्रेडिट कार्ड से दस हजार रुपए की खरीदी कर ली गई। इस संबंध में सायबर क्राइम में शिकायत दर्ज करवाई गई थी।
मामले में सायबर सेल के पुलिस निरीक्षक वी.बी. बारड ने क्राइम ब्रांच के उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में टेक्नीकल एनालिसिस किया। जांच में पता चला है कि लोगों को चूना लगाने वाला यह गिरोह नई दिल्ली से काम कर रहा है। पिछले दिनों टीम ने दिल्ली स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में उनकी ऑफिस को ढूंढ निकाला। इस आरोप में दिल्ली निवासी प्रकाश चंद्र किशनसिंह (२४), पूजा कुमारसेन (२१) तथा कीर्ती कुमारपाल (२३) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में इन्होंने बताया कि अप्रेल २०१८ से दिल्ली साउथ वेस्ट स्थित फे्रंड्स कॉलोनी में यह कंपनी शुरू की थी। ये लोग देश के विविध राज्यों में फोन कर लोगों को चूना लगाते थे। तीनों आरोपियों को सोमवार को अहमदाबाद लाया गया है।
गुजरात में कर चुके हैं २८० फोन
लोगों को चूना लगाने वाली इस तिगड़ी ने गुजरात में २८० फोन किए थे। सबसे अधिक इन्होंने आन्ध्रप्रदेश में ३९३ कॉल किए थे। महाराष्ट्र में ३२३, कर्नाटक में २१८ व राजस्थान में ९९ में फोन किए हैं। अन्य राज्यों में रहने वाले लोगों को भी उन्होंने लोगों को शिकार बनाया।
नाम बदलकर करते थे फोन
तीनों ही आरोपी अपना नाम बदल कर लोगों को फोन करते थे। इनमें से प्रकाश अपना नाम संजीव बताता था। जबकि कीर्ती अपना नाम हिमांशी और पूजा आदिती के रूप में बोलती थी।
हर माह बदल देते थे सिमकार्ड
पुलिस के अनुसार ये लोग हर माह सिमकार्ड बदल देते थे। इनके पास से एक लेपटॉप, एक मोबाइल फोन, १३ गिफ्ट पैक, छह चेकबुक व अलग अलग कंपनियों के १८४ सिमकार्ड भी मिले हैं।

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