अहमदाबाद. भीम एकादशी (निर्जला एकादशी) पर गुरुवार को व्रतधारियों ने मंदिरों में शीतल जल से भरे मटके व फल चढ़ाए। साथ ही गायों को घास खिलाकर दान-पुण्य किया।
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी के व्रत को करने से वर्षभर में आने वाली सभी एकादशियों का फल मिलता है। यही कारण है कि जो भक्त सभी एकादशियों का व्रत नहीं रख सकते, उन्होंने यह व्रत रखा और दान-पुण्य किया। शास्त्रों के अनुसार भीम ने भी यह व्रत रखा था, जिसके कारण इसे भीम एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
ज्येष्ठ की दोपहरी में इस व्रत को करना कठिन है, लेकिन गुरुवार को मौसम अनुकूल रहने के कारण व्रतधारियों को परेशानी नहीं हुई। शहर के जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने शीतल पेयजल भरे मटके व फल भगवान जगन्नाथ को चढ़ाए और दर्शनों का लाभ लिया।

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