दीपक व मिट्टी के बर्तनों से बनाई गणपति प्रतिमा

दीपक व मिट्टी के बर्तनों से बनाई गणपति प्रतिमा

Gyan Prakash Sharma | Publish: Sep, 16 2018 03:55:52 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

इको-फ्रेंडली गणेश , दगडुसेठ गणेश महोत्सव

जामनगर. अपनी कला-कौशल व अनोखे कार्यक्रमों के चलते अनेक बार विश्व रिकॉर्ड बना चुके जामनगर के दगडुसेठ गणेश महोत्सव ने इन बार भी कुछ अलग थीम पर गणपति प्रतिमा बनाकर आकर्षण जमाया है। एट वंडर्स ग्रुप की ओर से दगडुसेठ सार्वजनिक गणपति महोत्सव इस बार दीपक सहित मिट्टी के पुराने बर्तनों से अनोखी गणपति प्रतिमा तैयार की गई है।
शहर के बेडीगेट क्षेत्र स्थित कडियाबाजार में पिछल २२ वर्षों की तरह इस बार भी गणेश महोत्सव मनाया जा रहा है। ग्रुप के सदस्य भरतसिंह परमार के अनुसार पिछले १२ वर्षों से पर्यावरण को नुकसान नहीं हो, इसके लिए इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमा की स्थापना की जाती है। इस वर्ष भी मिट्टी के बर्तनों से विघ्नहर्ता की प्रतिमा तैयार की गई है।


१५० किलो की प्रतिमा :
प्रतिमा को तैयार करने में १५० किलो मिट्टी के पुराने बर्तनों का उपयोग किया गया है, जिसमें १०८ दीपक, मिट्टी के तवे, फ्लावर पोट, गरबा के ढक्कन, खिलौनों के पानी के बर्तन आदि शामिल हैं। सभी बर्तनों को मिलाकर गणपति की प्रतिमा तैयार की गई है, जिसमें कलर भी प्राकृतिक उपयोग किए गए ङैं। वाटर कलर एवं गेरू का उपयोग कर प्रतिमा की सजावट की गई है।


आठ बार बनाए विश्व रिकॉर्ड :
जामनगर में एट वंडर्स ग्रुप की ओर से २२ वर्षों से दगडु सेठ गणपति महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है और अभी तक आठ बार वल्र्ड रिकॉर्ड में इस महोत्सव का नाम दर्ज किया गया है। १४५ किलो की भाखरी, ११ हजार १११ लड्डू, ५१ फीट लम्बी अगरबत्ती, ८६ फीट लम्बी बाइक, ४२ फीट ऊंचा वल्र्डकप ट्रॉफी, २५६ स्क्वायर मीटर में थम्बपेंटिंग व गत वर्ष सात धानों से बनाई १७.७१ किलो खीचड़ी का प्रसाद शामिल हैं, जिनमें रिकॉर्ड बना है।
महोत्सव को सफल बनाने में केवलसिंह राणा, कल्पेश वाडोलिया, नीलेश राज्यगुरु, नीलेशसिंह परमार, कपिल सोलंकी, भाविनसिंह परमार, हरीश चौहान, दिलीपभाई मिस्त्री, सतीष वाडोलिया, योगेश कणजारिया, गोपाल व भाविन आदि योगदान दे रहे हैं।

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