Ahmedabad News राजस्थान में सिविल जज बने गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के १६ पूर्व विद्यार्थी

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अहमदाबाद. राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से घोषित किए गए राजस्थान न्यायिक सेवा (आरजेएस) भर्ती परीक्षा २०१८ के परिणाम में चयनित १९७ उम्मीदवारों में १६ विद्यार्थियों का गुजरात से भी नाता है। गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (जीएनएलयू) के १६ विद्यार्थी राजस्थान में घोषित आरजेएस भर्ती परीक्षा में सिविल जज के पद पर चयनित हुए हैं। इन १६ पूर्व विद्यार्थियों में से ७ छात्राएं हैं।
इससे पहले से ही जीएनएलयू के १० पूर्व विद्यार्थी राजस्थान न्यायिक सेवा में अभी कार्यरत हैं। इस तरह अब इनकी संख्या बढ़कर २६ होने वाली है। गुजरात की न्यायिक सेवा में भी जीएनएलयू के १४ विद्यार्थी कार्यरत हैं।
राजस्थान न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा २०१८ में चयनित होने वाले जीएनएलयू के १६ विद्यार्थियों में हर्षिता राठौड़, हिम्मत राज, अक्षत वर्मा, हनुमान मीणा, दिग्विजय देथा, प्रमोद पंवार, आकांक्षा मीणा, हर्ष मीणा, विजय कुमार बाकोलिया, नरेन्द्र मीणा, पूजा मीणा, मोनिका धनोल, निधि पूनिया, सोनिका मीणा, नेहा खरे और नवीन मीणा शामिल हैं।

अच्छी तैयारी के बूते पाई जा सकती है सफलता : नवीन मीणा

राजस्थान न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा २०१८ में सफल होने वाले में जयपुर जिले के कोटपुतली निवासी नवीन मीणा भी शामिल हैं। नवीन ने जीएनएलयू से २०१८ में एलएलबी की पढ़ाई करने के बाद वर्ष २०१९ में ही एलएलएम की पढ़ाई भी पूरी की है। वे परिवार के इकलौते सदस्य हैं जो न्यायिक सेवा में जुड़ेगें। उनके पिता राम अवतार मीणा बैंक में मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। नवीन बताते हैं कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) तथा साक्ष्य अधिनियम की पढ़ाई अच्छे ढंग से करनी चाहिए। इसे समझना जरूरी है। सेल्फ नोट बनाना बेहतर होता है। खुद पर विश्वास जरूरी है। जरूरत लगे तो कोचिंग लें। बेअर एक्टको अच्छी तरह से तैयार करें। सफलता जरूर मिलेगी।

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स्मार्ट स्टडी और रिवीजन को दें तवज्जो: हर्षिता राठौड़

जीएनएलयू से वर्ष २०१२-२०१७ में बीए-एलएलबी ऑनर्स की पढ़ाई करने वाली राजस्थान के पाली जिले के वाडिया गांव निवासी हर्षिता राठौड़ ने भी राजस्थान न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा २०१८ में सफलता पाई है। पिता एक ग्रामीण बंैक में रीजनल मैनेजर हैं और वे परिवार की पहली ऐसी सदस्य हैं जो न्यायिक सेवा में गई हैं। वे बताती हैं कि न्यायिक सेवा परीक्षा में पास होने के लिए उनके लिहाज से स्मार्ट स्टडी के अलावा रिवीजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। किताबों से ज्यादा बेअर एक्ट को अच्छे से पढऩा चाहिए। तैयारी मुख्य परीक्षा में सफलता को लक्ष्य बनाकर करना चाहिए। अंग्रेजी और हिंदी दोनों ही भाषाओं पर अच्छी पकड़ भी अहम है।

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देश की न्यायिक सेवा में ५० से ज्यादा जीएनएलयू के विद्यार्थी

देशभर की न्यायिक सेवा में जीएनएलयू के ५० से ज्यादा पूर्व विद्यार्थी कार्यरत हैं। इनमें १० राजस्थान न्यायिक सेवा में कार्यरत हैं। यह जीएनएलयू के लिए गौरव की बात है कि इतनी बड़ी संख्या में यहां के पूर्व विद्यार्थी देश की न्यायिक सेवा में योगदान दे रहे हैं। राजस्थान न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा २०१८ में सफल हुए १६ विद्यार्थियों का नाम भी जल्द इसमें जुड़ जाएगा।

-डॉ एस शांता कुमार, निदेशक, जीएनएलयू

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nagendra singh rathore
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