राजकोट. शहर में भगवतीपरा क्षेत्र में आजी नदी से मंगलवार सवेरे एक मासूम बालक का कटा हुआ सिर मिलने पर तांत्रिक विधि की आशंका जताई गई है।
सूत्रों के अनुसार भगवतीपरा क्षेत्र में रूखडियापरा के बैठा पुल स्थित आजी नदी के किनारे पत्थर पर बालक का कटा हुआ सिर, उसके समीप श्रीफल, अबीर-गुलाल आदि वस्तुएं पड़ी मिली। इस कारण तांत्रिक विधि से बालक की बली चढ़ाने की आशंका के चलते पुलिस ने जांच शुरू की है। सूत्रों के अनुसार सिर कटा मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में क्षेत्र नागरिक भी आजी नदी पर पहुंचे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर के भगवतीपरा के समीप रूखडियापरा मार्ग पर बैठा पुल के समीप मेलडी माता के मंदिर के निकट आजी नदी के किनारे क्षेत्र की महिलाएं मंगलवार सवेरे शौच के लिए गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार वहां पत्थर पर बालक का कटा हुआ सिर दिखाई दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार सूचना मिलने पर पुलिस उपायुक्त रवि मोहन सैनी, सहायक आयुक्त प्रदीपसिंह जाडेजा, अपराध शाखा के निरीक्षक एच.एम. गढ़वी, उप निरीक्षक के.के. जाडेजा, बी डिविजन थाने के निरीक्षक आर.एस. ठाकर, उप निरीक्षक एम.एफ. डामोर के अलावा विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) व फायरब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।
प्रारंभिक जांच के अनुसार करीब 7-8 वर्ष के मासूम बालक का सिर तीक्ष्ण शस्त्र से काटा गया। समीप में श्रीफल, कपड़ा, अबीर-गुलाल आदि वस्तुएं पड़ी मिली। बालक के गले पर कट का निशान स्पष्ट दिखाई दे रहा था। सिर से बाल काट दिए गए लेकिन थोड़े बाल रखे गए। मृतक की एक आंख निकाल ली गई। गाल, कपाल, कान के समीप व आंखों की चमड़ी जलने के चिन्ह भी दिखाई दिए। फायरब्रिगेड की टीम से नदी में तलाश करवाने के बावजूद धड़ नहीं मिला। भगवतीपरा क्षेत्र से बालक के गुम होने या करीब 15 दिनों में बालक का अंतिम संस्कार किए जाने की जांच की जा रही है।

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