अब सरकारी जमीनों पर हो सकेगी बागवानी व औषधीय खेती

Government Land, medicalinal, horticulture, Gujarat government, lease: मुख्यमंत्री ने की 'मुख्यमंत्री बागवानी विकास मिशनÓ की घोषणा, किसानों की आवक दोगुना करना मकसद

By: Pushpendra Rajput

Published: 19 Jan 2021, 10:28 PM IST

गांधीनगर. अब सरकारी जमीनों पर बागवानी और औषधीय खेती की जा सकेगी। इसके लिए राज्य सरकार 30 वर्ष की भाड़ापट्टा पर यह जमीन देगी, जिसमें पांच वर्ष तक कोई भी किराया नहीं लिया जाएगा। ऐसा होने से राज्य में करीब 50 हजार एकड जमीन खेतीयोग्य बनेगी। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इसके लिए 'मुख्यमंत्री बागवानी विकास मिशन Ó की घोषणा की है। इसका मकसद न सिर्फ राज्य में बागवानी और औषधीय खेती को बढ़ावा देना है बल्कि किसानों की आवक को दोगुना करना है।

पहले चरण में पांच जिलों में प्रारंभ होगा मिशन

उन्होंने कहा कि इस मिशन का प्रथम चरण राज्य के पांच जिलों कच्छ, सुरेन्द्रनगर, पाटण, बनासकांठा और साबरकांठा में प्रारंभ किया जाएगा। इन जिलों में जिला कलक्टर की अध्यक्षता में समिति की गठित होगी, जो जिलास्तर पर जमीनों की सूची तैयार करेगी। बाद में कृषि, किसान कल्याण और सहकारिता विभाग जमीन की सूची आई-किसान पोर्टल पर जारी करेगा, जहां से बागवानी और औषधीय खेती करनेवाले भाड़ा पट्टा पर जमीन लेने के लिए आई-खेडूत पोर्टल आवेदन कर सकेंगे। इस मिशन के तहत बागवानी और औषधीय फसलों के लिए 20 हजार हेक्टेयर जमीन 30 वर्ष के भाड़ापट्टा (लीज) पर दी जाएगी। ऐसा होने से न सिर्फ कृषि उत्पादन और आवक बढ़ेी बल्कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गुजरात का अहम योगदान होगा।

सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन कर सकेंगे

भाड़ापट्टा धारक इस जमीन पर सोलर पैनल या विण्ड मिल लगाकर ऊर्जा उत्पादन कर सकेंगे, लेकिन बिजली बेच नहीं सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की 196 लाख हेक्टेयर जमीन में से पचास फीसदी अर्थात् 98 लाख हेक्टेयर जमीन खेती योग्य है। वहीं बंजर और बिन उपजाऊ जमीन में बागवानी और औषधीय फसलों की बुआई की अच्छी संभावना हैं। राज्य सरकार की कृषि तकनीक को प्रोत्साहन, सिंचाई सुविधा और किसान नीतियों के चलते सूखे, अद्र्ध सूखे और खारेपन वाले क्षेत्रों में कृषि पैदावार होन से हरियाली नजर आ रही है।


मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनेगी हाईपावर कमेटी
जमीन भाड़ापट्टा पर देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 9 सदस्यों की हाईपावर कमेटी बनेगी। कमेटी में उप मुख्यमंत्री, कृषि एवं राजस्व मंत्री, कृषि राज्यमंत्री, मुख्य सचिव तथा राजस्व और वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और कृषि सचिव सदस्य सचिव होंगे। बागवानी एवं औषधीय खेती करने के लिए दीर्घकालीन भाड़ापट्टा के लिए जमीन आवंटन नीति के तहत बागवानी निदेशक अमलीकरण नोडल अधिकारी होंगे।

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