गुजरात में दसवीं बोर्ड की परीक्षा भी स्कूलों को सौंपने की मांग

Nagendra rathor

Publish: Feb, 14 2018 11:16:38 PM (IST)

Ahmedabad, Gujarat, India
गुजरात में दसवीं बोर्ड की परीक्षा भी स्कूलों को सौंपने की मांग

जीएसईबी सदस्य की बोर्ड की सामान्य सभा में प्रस्ताव की तैयारी

अहमदाबाद. गुजरात में दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा लेने की जिम्मेदारी स्कूलों को सौंपे जाने की मांग उठी है। बोर्ड परीक्षाओं के तनाव को लेकर और परिणाम में विफलता के डर को लेकर विद्यार्थियों की ओर से आत्महत्या करने की घटनाओं को रोकने के लिए एवं परीक्षा को तनाव मुक्त बनाने के लिए शिक्षा बोर्ड के समक्ष यह प्रस्ताव पेश किया गया है।


गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (जीएसईबी) के सदस्य डॉ. प्रियवदन कोराट ने ही खुद जीएसईबी की सहायक सचिव को प्रस्ताव भेजकर इसे बोर्ड की सामान्य सभा में पेश करने की मांग की है।
इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि दसवीं कक्षा में हर साल करीब १० लाख विद्यार्थी परीक्षा देते हैं।

परीक्षा से पहले और बाद में तनाव के चलते की विद्यार्थी आत्महत्या करते हैं। सितंबर-२०११ में अकेले राजकोट जिले में १५ दिनों में 11 विद्यार्थियों ने आत्महत्या कर ली थी। इस कारण शिक्षा से जुड़े विद्वानों और अभिभावकों में चिंता है। ऐसी घटनाएं ना बनें और परीक्षा को लेकर तनाव कम हो इसलिए सरकार को दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा को बोर्ड की ओर से ना लेकर स्कूलों को सौंप देना चाहिए।

जिन्हें दसवीं कक्षा के बाद आगे डिप्लोमा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग या मेडिकल व अन्य कोर्सों में जाना हैं ऐसे विद्यार्थियों की परीक्षा ही ऐसे विद्यार्थियों के इच्छा व्यक्त करने पर बोर्ड को लेनी चाहिए। बाकी विद्यार्थियों की परीक्षाएं स्कूलें लें। इससे विद्यार्थियों में तनाव कम होगा।


वैसे इससे पहले सीबीएसई की ओर से इस प्रकार की पहल की गई थी। इसके तहत दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा को विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक किया गया था। वह चाहें तो स्कूल की ओर से ली जाने वाली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं नहीं तो बोर्ड की परीक्षा में भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस पर बोर्ड ने पुन: विचार शुरू किया और दसवीं की बोर्ड परीक्षा को मार्च २०१८ से पुन: अनिवार्य कर दिया है।

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