GST: फिलहाल सरकार को किसी भी तरह का कर बोझ नहीं लादना चाहिए।

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By: Uday Kumar Patel

Published: 24 May 2020, 07:02 PM IST

अहमदाबाद. कोरोना वायरस से लडऩे के लिए अब केन्द्र सरकार जीएसटी पर पांच फीसदी आपदा सेस लगाने पर से उद्योगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा।

टैक्स पेयर्स प्रोटेक्शन काउंसिल के प्रवक्ता प्रकाश कापडिय़ा का कहना है कि फिलहाल सरकार को किसी भी तरह का कर बोझ नहीं लादना चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्योग-धंधे पहले से ही करोंं के बोझ तले दबे हुए हैं, ऐेसे में पांच फीसदी आपदा सेस लगाने से इन उद्योगों को और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कापडिया के मुताबिक सरकार सेस तो लगाना चाहती है लेकिन इसका फायदा उस तबके तक पहुंचना चाहिए जिसके लिए यह कर लगाया जा रहा है।

हो सकता है दुर्भाग्यपूर्ण

उद्योगपति रंजीत झा ने बताया कि इस विषम परिस्थिति में केंद्र सरकार की ओर से कोविड-19 से लडऩे के लिए समान रूप से जीएसटी पर अतिरिक्त 5 प्रतिशत सेस लगाने का विचार दुर्भाग्यपूर्ण हो सकता है। एक तरफ लगभग पूरे देश में औद्योगिक गतिविधि ठप्प हो गई है जिसके उबरने में अभी और छह महीने का समय लग सकता है। दूसरी ओर मजदूरों के उनके पैतृक राज्यों में पलायन जारी है जिससे वहाँ भी स्थिति अच्छी नहीं दिख रही है। ऐसी स्थिति में कुछ विरले सेक्टरों के ही मुनाफे में रहने की संभावना है जिनसे इस अतिरिक्त कर की वसूली की जा सकती है। टेलीकॉम, आवश्यक दवाईयों, सैनिटाइजर एवं मास्क के उत्पादक, एक्सपोर्ट होनेवाली वस्तुओं के उत्पादक, लक्जरी एवं विलासिता की सामग्री, इत्यादि से अतिरिक्त सेस की उम्मीद करनी चाहिए।

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Uday Kumar Patel Reporting
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