कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए एमएससी में आरक्षण अवैध: हाईकोर्ट

कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए एमएससी में आरक्षण अवैध: हाईकोर्ट

Uday Kumar Patel | Publish: Jul, 13 2018 11:22:10 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

-बीएससी उत्तीर्ण छात्रों के उसी कॉलेज से एमएससी में दाखिले के लिए पांच फीसदी सीटें आरक्षित रखने के नियम को दी थी चुनौती

 

अहमदाबाद. बीएससी उत्तीर्ण कॉलेज से ही एमएससी में दाखिला लेने के लिए पांच फीसदी सीटें आरक्षित रखे जाने के गुजरात विश्वविद्यालय के दाखिले के नियम को गुजरात उच्च न्यायालय ने अवैध ठहरा दिया है।
मुख्य न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी व न्यायाधीश वी. एम. पंचोली की खंडपीठ ने शुक्रवार को अपने फैसले में गुजरात विवि के दाखिले के नियम 10.2 को असंवैधानिक करार दिया।
याचिकाकर्ता मीत कुमार पटेल व अन्य की याचिका को अंशत: ग्राह्य रखते हुए खंडपीठ ने कहा कि गुजरात यूनिवर्सिटी प्रवेश नियम, 2018 (मास्टर ऑफ साइन्स एंड पीजी डिप्लोमा) 10.2 संवैधानिक प्रावधानों से विपरीत व मनमाना है। इससे पहले खंडपीठ ने इस याचिका पर सभी पक्षों की दलीलों के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
विद्यार्थियों ने वकील परितोष गुप्ता की ओर से मार्फत दायर याचिका में गुजरात विवि के इस नियम को असंवैधानिक ठहराए जाने की मांग की थी। इसमें कहा गया था कि याचिकाकर्ताओं ने सेंट जेवियर्स कॉलेज से 70 फीसदी के साथ बीएससी उत्तीर्ण किया है। अब ये विद्यार्थी इसी कॉलेज से एम.एससी. करना चाहते है, लेकिन गुजरात विवि के नए नियमों के तहत उन्हें दाखिला नहीं मिल सकता।
याचिका के अनुसार सेंट जेवियर्स कॉलेज एक स्वायत्त संस्था है, लेकिन यह गुजरात विवि का हिस्सा है। इसलिए इन विद्यार्थियों के बीच भेदभाव नहीं रखा जा सकता। इस नियम के मुताबिक यदि किसी कॉलेज में एम.एससी की 30 सीटें हो तो उस कॉलेज में से बी.एससी उत्तीर्ण सिर्फ दो विद्यार्थी ही दाखिला ले सकते हैं। इसके साथ ही एक सीट आरक्षित वर्ग के विद्यार्थी के लिए रखना होगा। शेष सीटें अन्य कॉलेजों के विद्यार्थियों को आवंटित की जाएगी। यह नियम संविधान की धारा 14 के विपरीत है, इसलिए इसे रद्द कर दिया जाना चाहिए।

 

सतर्कता आयुक्त दाश का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाया

गांधीनगर. राज्य सरकार ने राज्य के सतर्कता आयुक्त एच. के. दाश का कार्यकाल अगले एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। गृह विभाग ने इस संबंध में बुधवार को एक परिपत्र जारी किया। इस परिपत्र के मुताबिक दाश का कार्यकाल गत 30 जून को समाप्त हो गया था। उनका बढ़ा हुआ कार्यकाल पहली जुलाई से माना जाएगा। उन्हें बार मार्च 2016 में दो वर्षों के लिए राज्य का सतर्कता आयुक्त नियुक्त किया गया था।
वर्ष 1980 के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी दाश अप्रेल 2015 में सेवानिवृत्त हो गए थे। इतिहास में एम.ए. और ब्रिटेन से एमबीए की डिग्री प्राप्त दाश ने राज्य में असिस्टेंट कलक्टर के पद से अपना करियर आरंभ किया था। वे गुजरात मैरिटाइम बोर्ड (जीएमबी) के उपाध्यक्ष, गुजरात जलापूर्ति व सीवरेज बोर्ड विभाग के सचिव, नर्मदा जल संसाधन व जलापूर्ति विभाग, वन विभाग तथा बंदरगाह व परिवहन विभाग के प्रधान सचिव पद पर कार्यरत रहे।

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