आठ महीने से किशोरी को नहीं ढूंढ सकी पुलिस, हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

आठ महीने से किशोरी को नहीं ढूंढ सकी पुलिस, हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

Uday Kumar Patel | Publish: Sep, 07 2018 04:10:23 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

-सीबीआई जांच की दी चेतावनी

अहमदाबाद. आठ महीने पहले नोटिस जारी करने और लगातार जांच के बावजूद एक किशोरी को नहीं ढूंढ पाने पर गुजरात उच्च न्यायालय ने छोटा उदेपुर पुलिस से भारी नाराजगी जताई है।
न्यायाधीश एस. आर. ब्रह्मभट्ट और न्यायाधीश ए. जी. उरेजी की खंडपीठ ने सख्त रवैया अपनाते हुए पुलिस से आगामी 14 सितम्बर तक किशोरी को अदालत के समक्ष पेश करने को कहा है। खंडपीठ ने यह भी कहा है कि ऐसा नहीं करने पर इस मामले की जांच सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी को सौंपी जाएगी।
छोटा उदेपुर जिले से जुड़े एक मामले में एक पिता ने अपनी पुत्री के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। याचिका में यह कहा गया कि उसकी पुत्री को उसकी मर्जी के खिलाफ कुछ लोग उठा ले गए हैं।
इस मामले में उच्च न्यायालय ने दिसम्बर 2017 में पुलिस को नोटिस जारी किया था। आठ महीने से ज्यादा समय होने के बावजूद किशोरी को अदालत में पेश नहीं करने पर न्यायालय ने सीबीआई जांच की चेतावनी भी दे डाली।
न्यायालय ने यह भी कहा कि इससे यह पता प्रतीत होगा कि जांच अधिकारी कार्य में सक्षम नहीं हैं। इसलिए छोटा उदेपुर जिले के पुलिस अधीक्षक इस मामले में अपना श्रेष्ठ कार्य कर बताएं और अगली सुनवाई पर किशोरी को अदालत के समक्ष पेश करने की बात सुनिश्चित करे।
इससे पहले गत फरवरी महीने में उच्च न्यायालय ने कहा था कि छोटा उदेपुर सर्किल के पुलिस निरीक्षक सभी प्रयासों के बावजूद किशोरी को ढूंढा नहीं जा सका। इन परिस्थितियों में इस मामले में पुलिस अधीक्षक देखरेख करे और किशोरी को ढूंढने के लिए गंभीरता पूर्वक प्रयास कर रिपोर्ट पेश करे।
जांच अधिकारी के रिपोर्ट पर न्यायालय ने यह टिप्पणी की थी कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट भी याचिकाकर्ता पिता को राहत नहीं दिला सकता। याचिकाकर्ता पिता अपनी पुत्री का चेहरा देखने को तरस रहा है वहीं न्यायालय को गुम किशोरी की चिंता है।
न्यायालय ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का यह कर्तव्य है कि किशोरी की सुरक्षा का ध्यान रखकर अदालत में पेश करे।

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