Gujarat : सौराष्ट्र के 42 समेत 46 बांधों में चली चादर, 69 हाईअलर्ट

तीन दिन पहले 15 ही बांध थे ओवरफ्लो

By: Omprakash Sharma

Published: 15 Sep 2021, 10:31 PM IST

अहमदाबाद. राज्य में पिछले तीन दिनों में हुई बारिश के कारण बांधों में पानी का बेहतर संग्रह हुआ है। बुधवार की सौराष्ट्र के 42 समेत 46 बांधों में जहां चादर चली हुई है वहीं 69 बांध हाईअलर्ट पर हैं। तीन दिन पहले 15 बांधों में चादर चली हुई थी।
प्रदेश के प्रमुख 206 बांधों में संग्रह क्षमता का 73.85 फीसदी जल संग्रह हो चुका है। इन सभी बांधों में 12938 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) जल संग्रह की क्षमता है और इसके मुकाबले 9555 एमसीएम जल संग्रह हो चुका है जो 73.85 फीसदी है। राज्य के सबसे बड़े नर्मदा बांध में जल संग्रह की कुल क्षमता के मुकाबले 53.25 फीसदी भर गया है।
206 बांधों में बुधवार सुबह तक 46 बांधों में क्षमता का 100 फीसदी संग्रह हो चुका है। इनमें 42 सौराष्ट्र रीजन के हैं। इन समेत कुल 70 बांधों में 90 से लेकर 100 फीसदी जल संग्रह हो चुका है इनमें से 69 हाईअलर्ट मोड पर हैं। आठ बांधों में 80 से 90 फीसदी जल संग्रह हुआ है, इन्हें अलर्ट और 15 बांधों में 70 से 80 फीसदी जल संग्रह होने पर चेतावनी स्वरूप दर्शाया गया।

दक्षिण गुजरात बेहतर व कच्छ के बांधों की खराब स्थिति

इन दिनों बांधों में जल संग्रह की स्थिति को देखते हुए सबसे बेहतर स्थिति दक्षिण गुजरात की है। जबकि सबसे कमजोर स्थिति कच्छ रीजन की है। दक्षिण गुजरात के कुल 13 बांधों में से जहां तीन बांध ओवरफ्लो हो गए हैं वहीं अन्य में भी जल संग्रह लगातार बढ़ रहा है। रीजन के सभी बांधों में जल संग्रह की क्षमता 8624.78 एमसीएम है जिसकी तुलना में 7553 एमसीएम संग्रह हो चुका है जो 87 फीसदी से अधिक है। सबसे अधिक 141 बांधों वाले सौराष्ट्र रीजन के 42 बांध ओवरफ्लो हो गए हैं। 2550.69 एमसीएम की कुल क्षमता वाले इन बांधों में फिलहाल 1904.55 एमसीएम जल संग्रह हो गया है। यह 74.67 फीसदी है। मध्य गुजरात के 17 बांधों में क्षमता का 51.15 फीसदी, उत्तर गुजरात के 15 बांधों में क्षमता का 28 .58 तथा कच्छ के 20 बांधों में सबसे कम 25.80 फीसदी जल संग्रह ही हो पाया है।

नर्मदा बांध का जलस्तर 120.66 मीटर
राज्य के सबसे बड़े नर्मदा बांध का जलस्तर बुधवार सुबह तक 120.66 मीटर पर पहुंच गया है। नर्मदा बांध की कुल संग्रह क्षमता (138.68 मीटर तक ) 9460 एमसीएम है। जिसके मुकाबले फिलहाल 5037.57 एमसीएम जल संग्रह हो चुका है, जो 53.25 फीसदी है।

Omprakash Sharma Reporting
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