टीडीओ, अतिरिक्त सहायक अभियंता सहित चार आरोपी दो लाख रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार

Gujarat, ACB, TDO, shahera, panchmahal, crime, bribe, -अहमदाबाद एसीबी की टीम ने शहेरा में जाल बिछाकर पकड़ा, शक होने पर नहीं स्वाकारी नकदी

By: nagendra singh rathore

Published: 14 Oct 2021, 09:33 PM IST

अहमदाबाद. पंचमहाल जिले की शहेरा तहसील पंचायत की तहसील विकास अधिकारी (टीडीओ) जरीना अंसारी, अतिरिक्त सहायक अभियंता रियाज मंसूरी सहित चार लोगों को दो लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने पकड़ा है। आरोपियों को एसीबी की ओर से जाल बिछाए जाने की शंका हो जाने के चलते आरोपियों ने अंत समय पर रुपए नहीं स्वीकारे। पकड़े गए दो अन्य आरोपियों में तहसील पंचायत कार्यालय में मनरेगा का हिसाबी सहायक हेमंत प्रजापति और डब्ल्यूडीटी एग्रो कीर्तिपाल सोलंकी शामिल हैं।
अहमदाबाद एसीबी की टीम ने बुधवार को शहेरा में जाल बिछाकर शिकायतकर्ता की लूणावाडा रोड मार्केट यार्ड स्थित कार्यालय में कार्रवाई की।
एसीबी के अनुसार सरकारी योजनाओं का ठेका लेने वाले एक ठेकेदार ने इस बाबत शिकायत की है। जिसमें बताया कि उन्होंने शहेरा तहसील में मनरेगा का ठेका लिया है। जिसके तहत शहेरा तहसील में मनरेगा योजना के तहत रोड, कुवा और चेक वॉल के काम के लिए कच्चा माल सप्लाई किया। जिसके तहत शहेरा तहसील पंचायत कार्यालय से उन्हें मनरेगा योजना के इस कार्य के लिए 2.75 करोड़ तथा आरआरपी योजना के तहत 1.71 करोड़ रुपए के बिल के चेक मंजूर हुए हैं।
आरोप है कि इन मंजूर हुए चेक के संदर्भ में तहसील पंचायत कार्यालय मनरेगा विभाग के हिसाबी सहायक हेमंत प्रजापति, डब्ल्यूडीटी कीर्तिपाल सोलंकी और टीडीओ जरीना अंसारी ने पहले अलग-अलग राशि ले ली थी।
आरोप है कि उसके बाद भी आरोपियों में से हेमंत और कीर्तिपाल ने एक-एक लाख रुपए की मांग की और टीडीओ जरीना की ओर से अतिरिक्त सहायक अभियंता रियाज मंसूरी के जरिए 2.45 लाख रुपए मांगे गए।
ठेकेदार को यह रिश्वत नहीं देनी थी, जिससे उसने एसीबी में शिकायत की, जिसके आधार पर एसीबी अहमदाबाद शाखा के सहायक निदेशक के बी चुड़ास्मा के सुपरविजन में अहमदाबाद शहर एसीबी के पीआई के के डिंडोड की टीम ने इस मामले में शहेरा में ही जाल बिछाया।
जिसके तहत हेमंत, कीर्तिपाल और रियाज मंसूरी ठेकेदार के कार्यालय पर बुधवार को रिश्वत की राशि लेने के लिए पहुंचे थे। तीनों ही ने इस संबंध में ठेकेदार से बातचीत भी की। लेकिन फिर उन्हें शंका हो गई जिससे उन्होंने अंत समय पर रिश्वत की राशि के 2.45 लाख रुपए नहीं स्वीकारे। लेकिन इस दौरान वहां मौजूद एसीबी की टीम ने इन तीनों ही आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उसके बाद टीडीओ जरीना अंसारी को भी हिरासत में ले लिया।

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