चीन के खिलौनों को गुजरात की जमीन से मिलेगी चुनौती

Gujarat, Chinese Toys, Indian Toys, Children university, Gandhinagar, PM Narendra modi, Man ki bat, प्रधानमंत्री ने खुद सौंपी है गांधीनगर की चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी को इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी, मंत्रालय भी करेंगे मदद

By: nagendra singh rathore

Published: 02 Sep 2020, 12:30 AM IST

नगेन्द्र सिंह

अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात ' कार्यक्रम में जिन 'भारतीय खिलौनों' के बारे में वोकल होने की बात की उन स्वदेशी खिलौनों के जरिए गुजरात की जमीन से चीन को खिलौनों के मामले में चुनौती दी जाएगी। खिलौनों के सेक्टर में चीन का खासा दबदबा है। भारत में हर साल करोड़ों रुपए के खिलौने चीन से आते हैं।
खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसकी जिम्मेदारी गुजरात की राजधानी गांधीनगर में स्थित विश्व की पहली चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी को सौंपी है। मन की बात में इसका उल्लेख करने से एक से डेढ़ महीने पहले से वे खुद व्यक्तिगत रुचि लेकर इस प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने में जुटे हैं। इस प्रोजेक्ट में भारत सरकार का महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्रालय भी चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी का मददगार बनेगा।
मन की बात में इसकी घोषणा करने से पहले 22 अगस्त को पीएम नरेन्द्र मोदी ने ऑनलाइन बैठक कर इस पर मंथन किया।
बैठक में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक एवं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयुष गोयल तथा चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी के कुलपति हर्षद शाह व मंत्रालयों के सचिव मौजूद थे।

शाहपुरा से साकार होगा स्वदेशी खिलौनों का सपना
चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी के कुलपति हर्षद शाह बताते हैं कि पीएम नरेन्द्र मोदी की ओर से देश का महत्वाकांक्षी खिलौना प्रोजेक्ट (टॉय प्रोजेक्ट) चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी को सौंपना गौरव की बात है। खुद चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी भी विश्व की अपने आप में पहली यूनिवर्सिटी है। और अब यह टॉय प्रोजेक्ट भी विश्व का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा।
सरकार ने चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी के लिए गिफ्ट सिटी के शाहपुरा गांव में ३० एकड़ जमीन सौंपी हैं। इसी चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी की जमीन पर स्वदेशी खिलौनों के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अलग से बाल भवन बनाया जाएगा। इसमें टॉय हाउस, टॉय लाइब्रेरी, टॉय लैबोरेटरी, टॉय सर्कल बनाए जाएंगे। यहां खिलौनों का संग्रहालय भी बनाया जाएगा। जिसमें प्राचीन संस्कृति से लेकर आधुनिक खिलौने प्रदर्शित किए जाएंगे। इसे विश्व का सबसे बड़ा खिलौना संग्रहालय बनाने की योजना है। खिलोने भारतीय संस्कृति, महापुरुषों और समृद्ध परंपराओं के जरिए व्यक्तित्व को निखारने की गतिविधि पर आधारित बनाए जाएंगे।

 

चीन के खिलौनों को गुजरात की जमीन से मिलेगी चुनौती

मोबाइल गेम्स में भी दबदबा बनाएगा गुजरात
चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी के कुलपति हर्षद शाह बताते हैं कि खिलौनों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ भारत मोबाइल गेम्स के मामले में भी विश्वभर में दबदबा बनाएगा। यह कार्य भी गुजरात की सरजमीं पर स्थित चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी के माध्यम से किया जाएगा। ऐसे मोबाइल गेम्स बनेंगे जो बच्चों की सृजनात्मकता को और बढ़ाएंगे। उन्हें विकृत गेम से दूर रखेंगे। इसके जरिए भारतीय संस्कृति, गणित विज्ञान, खगोल व अन्य क्षेत्रों में भारतीयों के योगदान को और इन विषयों को समझाया जाएगा।

चीन के खिलौनों को गुजरात की जमीन से मिलेगी चुनौती
PM Narendra Modi
nagendra singh rathore
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned