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सरकारी स्कूलों की हालत पर दिल्ली-गुजरात के बीच तीखी हुई जंग

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27 साल के शासन में अच्छे सरकारी स्कूल नहीं दे पाई भाजपा: सिसोदिया, दिल्ली के शिक्षामंत्री सिसोदिया ने गुजरात के शिक्षामंत्री वाघाणी के गृहनगर के सरकारी स्कूलों का किया दौरा, वाघाणी के गृहनगर की सरकारी स्कूलों में लगे हैं मकड़ी के जाले, शिक्षक नहीं, शौचालय नहीं, डेस्क नहीं, बैठने को फर्श तक नहीं

अहमदाबाद

Published: April 11, 2022 09:15:17 pm

अहमदाबाद. गुजरात और दिल्ली के शिक्षामंत्रियों के बीच सरकारी स्कूलों और उनकी शिक्षा व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग के बीच सोमवार को दिल्ली के शिक्षामंत्री व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुजरात के शिक्षामंत्री जीतू वाघाणी के गृहनगर भावनगर की दो सरकारी स्कूलों का जायजा लिया।
उन्होंने भावनगर के चित्रा इलाके के हादानगर की सरकारी स्कूल नंबर 62 और सिदसर के केन्द्रवर्ती सरकारी स्कूल का दौरा किया।
उसके बाद अहमदाबाद में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि गुजरात में 27 सालों से शासन (सत्ता) में है। इन 27 सालों में भाजपा लोगों को अच्छे सरकारी स्कूल नहीं दे पाई। यहां के शिक्षामंत्री के गृहनगर की सरकारी स्कूलों का हाल देखने पर समझ आया कि सत्ता के 27 साल भाजपा ने पूरी तरह से वेस्ट (बर्बाद) कर दिए।
उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले ही गुजरात के शिक्षामंत्री जीतू वाघाणी ने बड़े अहंकार के साथ कहा था कि ‘गुजरात की शिक्षा व्यवस्था और स्कूल बड़े अच्छे हैं। जिन्हें शिक्षा व्यवस्था अच्छी नहीं लगती वह दिल्ली चले जाएं।’ उनके इस बयान पर सबसे पहले उनके गृहनगर के स्कूलों का ही हाल जानने वे भावनगर पहुंचे थे।
वहां जाकर देखा तो सरकारी स्कूलों में मकड़ी के जाले लगे हैं। स्कूलों में टीचर नहीं है। गेस्ट टीचर की मदद ली जा रही है। टीचर महीने के वेतन पर पढ़ा रहे हैं। स्कूलों में शौचालय नहीं हैं। जहां पर हैं वहां बदबू से परेशानी है। ऐसे में कैसे शिक्षक 7 घंटे पढ़ाएं। बच्चों के बैठने के लिए डेस्क नहीं हैं। कुछ जगह तो बैठने के लिए फर्श भी नहीं है। दिल्ली में भी 5 साल पहले सरकारी स्कूलों की ऐसी ही हालत थी। लेकिन केजरीवाल की सरकार ने उनकी स्थिति बदल दी है।
सिसोदिया के साथ आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया, वरिष्ठ नेता ईसुदान गढ़वी व अन्य नेता भी इस दौरान साथ थे।
सरकारी स्कूलों की हालत पर दिल्ली-गुजरात के बीच तीखी हुई जंग
सरकारी स्कूलों की हालत पर दिल्ली-गुजरात के बीच तीखी हुई जंग
सरकारी स्कूलों की हालत पर दिल्ली-गुजरात के बीच तीखी हुई जंगवाघाणी के परिजन का प्राइवेट स्कूल अच्छा!
सिसोदिया ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि भावनगर में एक परिजन ने उन्हें बताया कि एक सरकारी स्कूल बंद किया जा रहा है। गुजरात के शिक्षामंत्री जीतू वाघाणी के परिजन का प्राइवेट स्कूल है। वह अच्छे से चल रहा है। यह दर्शाता है कि या तो बीजेपी की सरकारी स्कूलों को अच्छे से चलाने की मंशा नहीं है या फिर योग्यता नहीं है। क्योंकि 13 हजार स्कूलों में यहां कंप्यूटर नहीं हैं। 700 स्कूल में सिर्फ एक शिक्षक ही पढ़ाते हैं।
गुजरात के सीएम, शिक्षामंत्री को दिल्ली आने का न्योता
सिसोदिया ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आज राजनीति में शिक्षा पर चर्चा हो रही है। वे गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और शिक्षामंत्री जीतू वाघाणी को न्योता देते हैं कि दिल्ली आइए। देखिए, 5 साल में वहां बहुत काम हुआ है। शायद कुछ आपको भी समझ आए। कैसे स्कूल ठीक किए जा सकते हैं। सिसोदिया ने मीडिया को भी दिल्ली के सरकारी स्कूल देखने आने का न्योता दिया।
सरकारी स्कूलों की हालत पर दिल्ली-गुजरात के बीच तीखी हुई जंगबौखलाई भाजपा ने दिल्ली में उतारे सांसद, नहीं मिला कुछ
मनीष सिसोदिया ने संवाददाताओं से कहा कि उनके गुजरात के सरकारी स्कूलों के दौरे करने से भाजपा बौखला गई। उन्होंने दिल्ली में तमाम सांसद उतार दिए कहा जाओ ढूंढो कुछ तो मिलेगा। सभी थक गए कुछ नहीं मिला। कमियां मिली तो यह कि कहीं प्लास्टर रिपेयर होना है, टाइल्स टूटी है, डेंटिंग-पेंटिंग का काम चल रहा है। व्हाइट वॉश पुरानी हो गई है उसकी फोटो खींच लाए। एक सरकारी स्कूल ऐसा नहीं मिला जिसमें बोर्ड नहीं है। पढ़ाने की, पानी की व्यवस्था नहीं है। गर्व है। पांच साल में केजरीवाल सरकार ने वो कर दिखाया जो भाजपा 27 साल में नहीं कर पाई।
सरकारी स्कूलों की यह बदहाली देखकर दुख होता है: केजरीवाल
अहमदाबाद. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि ‘सरकारी स्कूलों की यह बदहाली देखकर दु:ख होता है। आजाद हुए 75 साल हो गए। हम अच्छी शिक्षा का इंतजाम नहीं कर पाए। क्यों? हर बच्चे को बेहतरीन शिक्षा नहीं मिलेगी, तो भारत कैसे तरक्की करेगा?, आइए हम प्रण लें कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए हम सब मिलकर प्रयत्न करेंगे।’
उन्होंने दिल्ली के शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया की ओर से गुजरात के भावनगर जिले के दो सरकारी स्कूलों का दौरा करने के बाद स्कूलों की स्थिति के साझा किए गए फोटो पर ट्वीट करते हुए यह प्रतिक्रिया दी।

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