दो सालों में २२६९ चिकित्सकों की नियुक्ति, सिर्फ ३७३ हुए हाजिर

Gujarat, Doctor, MBBS, Bond, not join duty, vacant post, congress, vidhan sabha हाजिर न होने वालों में से सिर्फ २४४ से ही वसूला जा सका बॉन्ड, सरकारी कॉलेजों से मामूली फीस पर किया एमबीबीएस, सेवा को नहीं तैयार, कांग्रेसी विधायकों के सवाल पर सरकार का विधानसभा में जवाब

By: nagendra singh rathore

Published: 19 Mar 2021, 08:52 PM IST

अहमदाबाद. कोरोना महामारी के दौर में जब अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी सबसे ज्यादा खल रही है। ऐसे में सामने आया है कि सरकार की ओर से बीते दो सालों में 2269 चिकित्सकों की नियुक्ति तो की गई, लेकिन उसमें से केवल ३७३ चिकित्सक ही सौंपी गई ड्यूटी वाली जगह पर हाजिर हुए। जबकि 1761 हाजिर ही नहीं हुए। यह ऐसे चिकित्सक हैं जिन्होंने मामूली फीस पर गुजरात की सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है।
यह तथ्य गुजरात सरकार ने कांग्रेस के विधायकों की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में विधानसभा में पेश किए हैं।
इसमें बताया है कि सबसे ज्यादा ४४६ चिकित्सकों की नियुक्ति दाहोद जिले में की गई थी, लेकिन उसमें से महज 42 ही चिकित्सक ही हाजिर हुए। जबकि छोटाउदेपुर जिले में नियुक्त होने वाले 287 में से 24, नर्मदा जिले में 163 में से 21, कच्छ जिले में 161 में से केवल 5, बनासकांठा जिले में 140 में से केवल 24 ही चिकित्सक हाजिर हुए। पंचमहाल जिले में 111 में से 7, भरुच में 100 में से 6 चिकित्सक ही हाजिर हुए।
महानगरों वाले जिलों में अहमदाबाद की बात करें तो सात चिकित्सकों की नियुक्ति की गई उसमें से भी केवल दो ही चिकित्सक उपस्थित हुए। वडोदरा में २५ में से 13, सूरत में 51 में से 11, राजकोट में 43 में से 11, जामनगर में 31 में से 9, भावनगर में 27 में से 17 ही चिकित्सक ड्यूटी पर हाजिर हुए हैं। गांधीनगर में दो में से दो उपस्थित हुए। केवल गांधीनगर ही एक ऐसा जिला है जिसमें नियुक्त होनेवाले सभी चिकित्सक हाजिर हुए।

सरकार की ढीली नीति से गरीब परेशान
कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकारी कॉलेजों से मामूली फीस पर एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले चिकित्सकों को सरकार जिलों में सेवा के लिए हाजिर नहीं कर पा रही है। ना ही उनसे बॉन्ड की राशि वसूल कर पा रही है। सरकार की इस ढीली नीति के चलते गरीब लोगों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। उन्हें दूर दराज के जिलों के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक ही नहीं मिल पा रहे हैं।

बॉन्ड लेने की पहल भी नहीं आई काम
सरकार ने ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों से पहले ही बॉन्ड भरवाए थे कि वे यदि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें दी जाने वाली नियुक्ति वाली जगह पर हाजिर नहीं होंगे तो सरकार उनसे बॉन्ड की राशि वसूलेगी। लेकिन यह कदम भी काम नहीं आ रहा है। सरकार हाजिर नहीं होने वाले 1761 चिकित्सकों में से केवल 244 चिकित्सकों के पास से ही बॉन्ड की 12 करोड़ 8 लाख ५० हजार की राशि वसूल कर पाई है। जबकि शेष उम्मीदवारों के पास से अभी 83 करोड़ ६० लाख की राशि वसूल करनी बाकी है। जिन २४ उम्मीदवारों के पास से बॉन्ड वसूले हैं उनमें सर्वाधिक 35 दाहोद जिले में हाजिर न होने वाले उम्मीदवार हैं। उसके बाद छोटाउदेपुर में हाजिर न होने वाले 26, कच्छ में हाजिर न होने वाले 21, भरुच में हाजिर न होने वाले 15 चिकित्सक शामिल हैं।

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