Gujarat: बिजली आपूर्ति कम्पनियों को देश में प्रथम पांच में मिला स्थान

Gujarat, electric city, india, police station, electric city theft: बिजली चोरी पर रोकने को 16 थाने बनाने वाला गुजरात देश का पहला राज्य

 

By: Pushpendra Rajput

Published: 23 Aug 2020, 09:16 PM IST

गांधीनगर. बिजली आपूर्ति कम्पनियों (Electric city) के विभाजन के बाद चाहे बिजली क्षेत्रों में सुधार हो या फिर उनका अमलीकरण हो गुजरात देश में हमेशा अव्वल रहा है। गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (Gujarat energy vikas nigam) (जीयूवीएनएल) के अधीनस्थ चारों की बिजली आपूर्ति कम्पनियां हमेशा राष्ट्रीयस्तर पर चमकती रही हैं। केन्द्र सरकार (central government) के ऊर्जा मंत्रालय (energy ministry) की सालाना एकीकृत रैंकिंग में दक्षिण गुजरात विद्युत कम्पनी लिमिटेड (डीजीवीसीएल), मध्य गुजरात विद्युत कंपनी लिमिटेड (एमजीवीसीएल), पश्चिम गुजरात विद्युत कंपनी लिमिटेड (डबल्यूजीवीसीएल) और उत्तर गुजरात विद्युत कंपनी लिमिटेड (यूजीवीसीएल) ने प्रशासनिक औरआर्थिक उपलब्धियों के लिए ए-प्लस रैकिंग में प्रथम पांच विद्युत आपूर्ति कम्पनियों में स्थान हासिल किया है। गुजरात देश का ऐसा राज्य है जिसने बिजली चोरी रोकने के लिए सतर्कता विभाग के अधीनस्थ 16 गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूवीएनएल) पुलिस थाने और 36 विशेष अदालतों की स्थापना की है।

'उदयÓ का मकसद आपूर्ति खर्च घटाना

गुजरात के ऊर्जा मंत्रालय और जीयूवीएनएल के विद्युत आपूर्ति सुधार के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जिसमें बिजली स्थापनों की जांच, पुराने या खामीयुक्त मीटरों को बदलना, खामीयुक्त वायरों को बदलना, विद्युत आपूर्ति ढांचे को मजबूत करना और बुनियादी सुविधाओं के सुधार समेत अलग-अलग योजनाओं से ही यह संभव हुआ है। केन्द्र सरकार के रिस्ट्रक्चर्ड, एसेलरेटेड पावर डवलपमेन्ट एंड रिफॉम्र्स प्रोजेक्ट (आर-एपीडीआरपी) के तहत 15 फीसदी बिजली आपूर्ति का उपयोग करने वाले शहरों को विद्युत आपूर्ति करने का खर्च घटाना था। इस योजना में विद्युत आपूर्ति कम्पनियों को विभिन्न 84 शहरों में विद्युत ढांचे को मजबूत बनाना था। इसके चलते सभी 84 शहरों में बिजली आपूर्ति का खर्च घटाना संभव हुआ। वहीं 68 शहरों में बिजली आपूर्ति खर्च 15 फीसदी तक घटाया गया। वहीं 42 शहरों में बिजली आपूर्ति नौ फीसदी तक घटाया गया, जिसमें सूरत,भरूच, नवसारी, वडोदरा, आणंद, दाहोद, राजकोट, भुज, पोरबंदर, धोराजी, हिम्मतनगर, अहमदाबाद, मेहसाणा, पालनपुर, मोडासा शहर शामिल है।

वहीं विद्युत आपूर्ति कम्पनियों के लिए केन्द्र सरकार की सबसे अहम उज्जवल डिस्कॉम एस्युरेंस योजना (उदय) योजना का उद्देश्य अलग-अलग पैमानों को अपनाकर कार्यक्षमता बढ़ाकर विद्युत आपूर्ति का खर्च घटाना था। इस योजना में मार्च 2020 तक गुजरात को 13.50 फीसदी विद्युत खर्च घटाने का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें 11.01 फीसदी खर्च घटाने में सफलता मिली है। यह राष्ट्रीयस्तर पर औसतन 18.72 फीसदी की तुलना में काफी कम है।

'उदयÓ पोर्टल गुजरात प्रथम स्थान पर

केन्द्र सरकार संचालित उदय पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार पिछले तीन वर्षों 2018, 2019 और 2020 में गुजरात राष्ट्रीयस्तर पर प्रथम स्थान पर है। तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की तुलना में गुजरात में विद्युत आपूर्ति का खर्च सबसे कम है।

विद्युत क्षेत्र में संशोधन और विकास आरएंडडी) तथा उसके अमलीकरण में गुजरात पहला राज्य है, जिसके अलग-अलग विभाग हैं। वर्ष 2016 से संशोधन और विकास (आरएंडडी) विभाग की ओर से विद्युत आपूर्ति कम्पनियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कई नए शोध और पायलट प्रोजेक्ट कर सफलता हासिल की है। इसके जरिए ही गुजरात की विद्युत आपूर्ति कम्पनियां उपलब्धियां हासिल करने में सक्षम बनीं। जहां राष्ट्रीयस्तर पर विद्युत उपयोग 1189 यूनिट्स हैं, जबकि गुजरात में दुगना अर्थात् 2225 यूनिट विद्युत आपूर्ति होती है। इन्टीग्रेटेड पावर डवलपमेन्ट स्कीम (आईपीडीएस) योजना कार्यान्वित मापदमंडों में गुजरात की विद्युत वितरण कंपनियों प्रथम छह में स्थान मिला है। वहीं दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीवाय) योजना कार्यान्वित करने के पैमानों में गुजरात प्रथम है। राज्य के ऊर्जा विभाग, गुजरात ऊर्जा विद्युत निगम लिमिेटड तथा उसके अधीनस्थ विद्युत आपूर्ति कम्पनियों ने अलग-अलग उपलब्धियों के जरिए 229 राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए हैं। राज्य में 1.58 करोड़ ग्राहकों को चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए गुजरात प्रयत्नशील है।

Pushpendra Rajput Reporting
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