गुजरात में गुंडागर्दी करने वालों पर कसेगी नकेल

Gujarat government, anti social activities, prevention, vijay rupani: हो सकती है दस वर्ष तक की जेल

By: Pushpendra Rajput

Published: 07 Sep 2020, 08:09 PM IST

गांधीनगर. गुजरात को आम जन के लिए पूर्णत: सुरक्षित बनाने और अपराधमुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने 'द गुजरात गुंडा एंड एन्टी सोशल एक्टिविटीज़ (प्रिवेन्शन) एक्टÓ पर अध्यादेश लाने का फैसला किया है। इस कानून के प्रावधानों के तहत राज्य की विकास यात्रा में अवरोध पैदा करने वाले, सार्वजनिक व्यवस्थाओं में विघ्न डालने वाले, हिंसा, बच्चों का यौन उत्पीडन, अपहरण, गैर कानूनी हथियार रखने वाले असामाजिक तत्वों और धमकी और ज़ोर-ज़बरदस्ती से नागरिकों का शोषण करने वाले की प्रवृत्तियों को सख्ती से निपटने के कई कड़े प्रावधान किए गए हैं।

इतना ही नहीं इस नए अध्यादेश के अंतर्गत, शराब का व्यापार, नशे का व्यापार, अनैतिक व्यापार, मानव देह का व्यापार, जुआ, गायों का कत्लेआम, नकली दवाइयों बिक्री, ब्याजखोरी, अपहरण, ग़ैरकानूनी काम करना या ग़ैरकानूनी हथियार रखना जैसे कई आपराधिक गतिविधियों को गुजरात में पूरी तरह से समाप्त करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बहुत ही सख्त कानूनी प्रावधान किए हैं। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने राज्य में सार्वजनिक शांति-सलामती और निरंतर विकास में रुकावट पैदा करने वाले आपराधिक तत्वों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में या तो उन्हें आपराधिक गतिविधि को छोडऩा होगा या फिर उन्हें गुजरात को ही छोड़कर जाना होगा।

रुपाणी का मानना है कि विकास को उच्च शिखर पर पहुंचाकर सर्वांगीण प्रगति द्वारा उत्तम से सर्वोत्तम गुजरात के निर्माण के संकल्प को पूरा करने के लिये राज्य में कानून और व्यवस्था को भी उत्तम से सर्वोत्तम बनाना ज़रूरी है।

पिछले चार सालों में मुख्यमंत्री श्री के कुशल नेतृत्व में गुजरात को अलग-अलग क्षेत्रों में मिली कई उपलब्धियां और पुरस्कार इस बात का प्रमाण है कि देश और दुनिया ने गुजरात को विकास का रोल मॉडल के रूप में स्वीकार किया है। इसलिए, ऐसे समय में शांति, सलामती और समृद्धि के साथ विकास की गति को और आगे लेकर जाने के लिए यह अध्यादेश एक नया प्रेरक बल बनेगा। हाल ही में, राज्य में गैर कानूनी रूप से ज़मीन को हडपने वाले, भूमाफियों, जुआ-दारू का अवैध धंधा करने वाले आदि असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए 'एक्टÓ में कई बड़े संशोधन करने का निर्णय लिया है।

हो सकती है दस वर्ष तक की जेल

गुंडा तत्वों की व्याख्या में एक व्यक्ति द्वारा या समूह द्वारा किसी हिंसा करने की दी गई धमकी या अन्य तरीकों से सार्वजनिक व्यवस्थाओं को नुकसान पहुंंचाने के उद्देश्य से हो रही गतिविधियों में शामिल लोगों को शामिल किया गया है। इन सभी को इस कानून के अंतर्गत सजा दी जाएगी। कोई भी ऐसा व्यक्ति जो आपराधित तत्वों या असामाजिक गतिविधि से जुड़ा हो या ऐसी कोई गतिविधि करने की तैयारी में हो जो राज्य में शांति बनाए रखने में बाधक बने तो उसे सात साल से अधिक और दस साल तक की कैद और पचास हजार रुपयों से अधिक राशि के जुर्माने का प्रावधान, इस नए अध्यादेश में किया गया है। इतना ही नहीं, अगर कोई राज्य सेवक या सरकारी कर्मचारी ऐसे आपराधिक तत्वों को अपराध करने के लिये प्रेरित करे या उनकी मदद करे या उनका किसी भी प्रकार से साथ दे तो उन्हें भी तीन साल से अधिक और दस साल तक की कैद का प्रावधान किया गया है।

इस कानून के नियमों का उल्लंघन करके गुंडा तत्वों द्वारा किये गये कोई भी आपराधिक कार्य के लिये दस हजार तक के जुर्माने के साथ या बिना जुर्माने के 6 महीने तक की अवधि के लिये कैद की सज़ा का प्रावधान भी इस अध्यादेश में मुख्यमंत्री श्री ने किया है।

Pushpendra Rajput Reporting
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