सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Gujarat, Government job, fraud, Gandhinagar, infocity police, crime, gang busted -डिप्टी कलक्टर बनकर गांधीनगर के होटल में ठहरे थे आरोपी, इन्फोसिटी पुलिस ने सूचना के आधार पर दबिश देकर पकड़ा

By: nagendra singh rathore

Published: 08 Jun 2021, 09:44 PM IST

अहमदाबाद. सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले एक गिरोह का गांधीनगर की इन्फोसिटी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सरगासरण चार रास्ते के पास स्थित एक होटल में सोमवार को दबिश देकर पुलिस ने खुद को डिप्टी कलक्टर बताकर ठहरने वाले दो फर्जी अधिकारी, उनके दो सहयोगी (फर्जी चतुर्थश्रेणी कर्मी) सहित चार लोगों को पकड़ा है। होटल से इन अधिकारियों के फर्जी पहचान-पत्र, अलग-अलग उम्मीदवारों के फर्जी पहचान-पत्र और गुजरात गौण सेवा पसंदगी मंडल के फर्जी पत्र व दस्तावेज, रजिस्टर भी बरामद किए गए हैं।
पकड़े गए आरोपियों में नवसारी जिले की वासदा तहसील के वासिया तलाब गांव निवासी एवं खुद को वलसाड रेवन्यु डिप्टी कलक्टर बताने वाली हेतवी पटेल तथा खुद को वलसाड रेवन्यु डिप्टी कलक्टर बताने वाला सूरत फुलवाडी गांव निवासी नीरज गरासिया शामिल हैं। इसके अलावा इन दोनों के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी बनकर ठहरने वाले वलसाड जमनाबाग निवासी कुणाल महेता तथा वलसाड के ही फलधरा गांव निवासी बंसीलाल पटेल शामिल हैं।
आरोपियों के पास से बरामद फर्जी पहचान-पत्र, लेटर व अन्य दस्तावेज के बारे में पता चला कि उन्होंने इसे गांधीनगर निवासी प्रणव पटेल से छपवाया था। प्रणव एक फोटोकॉपी (झेरोक्ष) की दुकान चलाता है। इसकी लिप्तता का पता चलने पर इसे भी पुलिस ने धर दबोचा है।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेरोजगार युवाओं से जैसा पद वैसे पैसे लेते थे। जिसमें ४०हजार से ढाई लाख रुपए तक ऐंठते होने की बात सामने आ रही है।
इस बाबत हेड कांस्टेबल सुनीलकुमार दलाभाई की शिकायत पर इन्फोसिटी पुलिस ने थाने में ही ठगी, विश्वासघात सहित की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच थाने के पुलिस निरीक्षक पी पी वाघेला कर रहे हैं।

प्रशिक्षण का कहकर ८० युवाओं को बुलाया था गांधीनगर
आरोपियों की पूछताछ और उनके कमरों से मिले फर्जी पहचान-पत्र, गुजरात गौण सेवा पसंदगी मंडल के नियुक्ति पत्र, लेटर के आधार पर सामने आया कि आरोपियों ने 80 युवाओं को गांधीनगर बुलाया हुआ था। गांधीनगर के अलग-अलग होटलों में उन्हें ठहराया था। उन्हें नियुक्ति पत्र देने के बाद ट्रेनिंग देने के नाम पर बुलाया गया था।

इन पदों पर नियुक्ति का देते झांसा
आरोपी डिप्टी कलक्टर, तहसीलदार, सीनियर एवं जूनियर क्लर्क, ग्रामसेवक एवं तलाटी जैसे पदों पर नियुक्ति के नाम पर ठगते थे।

२६० युवाओं को लगाई चपत!
इन्फोसिटी थाने के पुलिस निरीक्षक पी पी वाघेला ने बताया कि आरोपियों की पूछताछ और अब तक की जांच में सामने आया कि आरोपी बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगते थे। अब तक २६० युवाओं को चपत लगाई हो ऐसी बात सामने आई है। उनसे करीब ८०से ९० लाख रुपए ऐंठे हों ऐसा पता चला है।

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