Gujarat government: पांजरापोल उगा सकेंगे घासचारा, राज्य सरकार करेगी मदद

Gujarat government, panjrapol, animals, CM vijay rupani, solar pannel : सोलर पैनल के लिए मिलेंगे 8 लाख

By: Pushpendra Rajput

Published: 11 Oct 2020, 09:11 PM IST

गांधीनगर. पांजरापोल (panjrapol) के मवेशियों (animals) को आसानी से घासचारा मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री विजय रुपाणी (CM vijay rupani) ने आर्थिक मदद (financial assistance) देने का निर्णय किया है। गुजरात सरकार (Gujarat government) के इस निर्णय से अब पंजीकृत पांजरापोल अपनी ज़मीनों में पानी, खाद व बीज की उपलब्धता से खेती के लायक बनाकर चारा उगा सकेंगे। बारिश की अनियमितता जैसे कि सूखा या भारी बारिश के कारण पशुओं को चारे की कमी न हो इसके लिए पांजरापोलों को घासचारा उगाकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह निर्णय किया गया।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही पांजरापोल संचालकों ने पशुओं के रखरखाव के दौरान चारे की कमी की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। इसके समाधान के तौर पर रुपाणी ने 'जियो और जीने दोÓ भाव को दर्शाते हुए रजिस्टर्ड पांजरापोलों के हित में यह बड़ा निर्णय किया है। राजस्व रिकॉर्ड (revenue record) के अनुसार पांजरापोल अपने स्वामित्व वाली ज़मीनों में इस योजना का लाभ ले सकती हैं।

ट्यूबवेल (tubewell) के लिए मिलेंगे दस लाख

पांजरापोल अपनी ज़मीन में घास उगा सके इस उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने ट्यूबवेल के लिए 1 से 10 हेक्टेयर ज़मीन वाले पांजरापोलों को 10 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद देने का निर्णय किया है। साथ ही, इन पांजरापोलों में अधिक से अधिक सौरऊर्जा के उपयोग बढ़ावा देने और बिजली के बिल की बचत करने के लिए सोलर इलेक्ट्रिक पैनल के लिए 8 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद देने का निर्णय किया है। इतना ही नहीं, ग्रीन फोडर बैलर के लिए 4 से 10 हेक्टेयर भूमि स्वामित्व वाले पांजरापोलों को 3.50 लाख रुपए तक और 1 से 10 हेक्टर भूमि स्वामित्व वाले पांजरापोलों को 1.25 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

पांजरापोलों के ज़मीनों में उगने वाले हरे चारे को अपने पशुओं को देने के अलावा दूसरे पांजरापोल और अन्य संस्थाओं के पशुधनों को भी चारा देने के लिए उसका स्टोरेज किया जाता है। चारे का यह स्टोरेज ग्रीन फॉडर बैलर से किया जाता है। बैलिंग की वजह से कम जगह पर अधिक चारे का संग्रह लंबे समय तक किया जा सकता है।

शेड बनाने और पानी की पाइप लाइन के लिए भी मदद

पांजरापोल अपनी ज़मीनों में घास उगाने के लिए उसे खेती लायक बना सकें, इसके लिए भी राज्य सरकार ने प्रावधान किए हैं। घास उगाने वाली ज़मीनों पर बोर से पानी देने और पशुओं के शेड्स तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन फॉर वॉटरिंग की सुविधा के लिए 1 हेक्टेयर ज़मीन के स्वामित्व वाले पांजरापोलों को 30 हज़ार रुपए और बाद मे ंप्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपए लेकिन अधिकतम 2.10 लाख रुपए तक आर्थिक मदद देने का प्रावधान किया गया है।

स्प्रिंकलर इरीगेशन तकनीक अपनाएं

पांजरापोल अपनी ज़मीनों में घास उत्पादन के लिए स्प्रिन्कलर इरीगेशन तकनीक को अपनाएं, इसके लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता और अधिकतम 5 लाख रुपए तक की सहायतादेने प्रावधान किया गया है। इतना ही नहीं, रेनगन इरीगेशन सिस्टम के लिए 1 से 3 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 35 हजार रुपए, 4 से 7 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 70 हजार रुपए और 8 से 10 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 1.05 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का निर्णय मुख्यमंत्री श्री विजय रुपाणी ने किया है। राज्य सरकार ने इसके लिए वर्ष 2020-21 के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। पांजरापोल इस योजना का पारदर्शी रूप से लाभ मिल सके इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने का होगा।

Show More
Pushpendra Rajput Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned