Bullet train project: देश के सबसे पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए यूं हुआ रास्ता साफ

Bullet train project: देश के सबसे पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए यूं हुआ रास्ता साफ
Bullet train project: देश के सबसे पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए यूं हुआ रास्ता साफ

Uday Kumar Patel | Updated: 20 Sep 2019, 12:34:06 AM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

-Ahmedabad-Mumbai Bullet train project, Farmers petition rejected

-Gujarat High Court, Land acquisition process, Compensation

अहमदाबाद. केन्द्र सरकार के महत्वाकांक्षी अहमदाबाद -मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर रास्ता साफ हो गया है। गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस प्रोजेक्ट को लेकर गुजरात के किसानों की ओर से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया और ज्यादा मुआवजे को लेकर दायर याचिकाएं खारिज कर दी। न्यायाधीश अनंत एस दवे व न्यायाधीश बीरेन वैष्णव की खंडपीठ ने किसानों की 60 से ज्यादा विभिन्न याचिकाओं पर फैसला देते हुए यह कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर गुजरात सरकार की ओर से अपनाई गई भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह वैध है।
खंडपीठ ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की ओर से दिया गया मुआवजा उचित है, हालांकि खंडपीठ ने एक्सप्रेस वे, हाईवे व गुजरात में जारी अन्य ऐसे प्रोजेक्ट को लेकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत मुआवजे का हवाला देते हुए यह कहा कि यह भी कहा कि प्रभावित किसानों को यदि लगता है तो वे लोग ज्यादा मुआवजा के लिए सक्षम अथॉरिटी के समक्ष गुहार लगा सकते हैं।

https://www.patrika.com/ahmedabad-news/bullet-train-project-judgement-on-farmers-plea-deferred-in-guj-hc-4099310/


इन किसानों की मांग थी कि एक से ज्यादा राज्यों में इस प्रोजेक्ट के होने के कारण उनकी जमीन गुजरात सरकार के कानून की बजाय केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत अधिग्रहित की जानी चाहिए और साथ में मुआवजा भी उसी अनुसार दिया जाना चाहिए। इधर गुजरात सरकार ने केन्द्र के भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन किया था और इसके लिए राष्ट्रपति की अनुशंसा भी प्राप्त की थी।

अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे किसान

किसानों के वकील आनंद याज्ञिक ने कहा कि किसान गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। किसानों को प्रोजेक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर ज्यादा मुआवजा चाहिए। याज्ञिक के मुताबिक राज्य में करीब 8 जिलों के करीब 6900 किसान इस प्रोजेक्ट से प्रभावित हैं।

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