Gujarat: गुजरात सरकार ने हाईकोर्ट में पेश किया जवाब, कहा, स्कूलों को ऑनलाइन पढ़ाते समय विद्यार्थियों को 30 से 60 मिनट का ब्रेक देना होगा

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By: Uday Kumar Patel

Published: 24 Jul 2020, 05:17 PM IST

अहमदाबाद. निजी स्कूलों की फीस और ऑनलाइन शिक्षा के मुद्दे पर दायर विभिन्न जनहित याचिकाओं को लेकर गुजरात सरकार की ओर से गुजरात हाईकोर्ट में शपथपत्र पेश कर फीस के मुद्दे के साथ-साथ लिए गए अन्य निर्णय की जानकारी दी गई है। इसके अलावा ऑनलाइन पढ़ाई के लिए केन्द्र सरकार की प्रज्ञता दिशानिर्देश का भी अमल करने की बात कही गई है।

हाईकोर्ट के विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की आंखों पर पडऩे वाले प्रभाव के संबंध में दिए गए जवाब में राज्य सरकार ने कहा है कि ऑनलाइन शिक्षा देते समय विद्यार्थियों को 30 से 60 मिनट बाद ब्रेक देना होगा। इससे आंखों पर मोबाइल या कंप्यूटर का विपरीत प्रभाव नहीं पड़े। और साथ ही एक जगह बैठे-बैठे शरीर में जकडऩ नहीं हो और शरीर में रक्त का संचार भी जारी रहे। उधर पांच वर्ष से कम विद्यार्थियों और डिजीटल उपकरण के बीच अभिभावक सेतु का काम करेंगे।

राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि ऑनलाइन एजुकेशन के दौरान प्रि-प्राइमरी विद्यार्थियों को अभिभावकों की उपस्थिति में 30 मिनट से ज्यादा नहीं पढ़ाया जा सकता वहीं पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को 30 से 45 मिनट के दो सेशन पढ़ाने होंगे। जबकि 9वीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 30 से 45 मिनट के चार सेशन पढ़ाने होंगे। इस दौरान 30 से 60 मिनट का ब्रेक देना रहेगा जिससे वे लगातार मोबाइल या कंप्यूटर की स्क्रीन के सामने बैठने के दुष्प्रभाव से बच सकें।

कई स्कूलों ने नहीं ली ऑनलाइन क्लास

राज्य सरकार के परिपत्र जारी करने के बाद विरोध में कई स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास नहीं संचालित की। कई अभिभावकों के पास रात को ही स्कूलों की ओर से यह संदेश भेज दिए गए कि राज्य सरकार के परिपत्र को देखते हुए गुरुवार से ऑनलाइन क्लास संचालित नहीं की जाएंगी।

Uday Kumar Patel Reporting
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