Gujarat: उपचार के अभाव में कोरोना मरीज की मौत पर गुजरात हाईकोर्ट की भारी नाराजगी, कहा, अस्पताल पहले उपचार दे, फिर अन्य प्रकिया बाद में भी संभव

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By: Uday Kumar Patel

Published: 26 Jun 2020, 11:07 PM IST

अहमदाबाद. कोरोना वायरस से जुड़़़े कई मुद्दों पर दायर की गई विभिन्न जनहित याचिकाओं पर गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के साथ-साथ केन्द्र सरकार को कई आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ व न्यायाधीश जे बी पारडीवाला की खंडपीठ ने शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के अभाव में कोरोना से एक व्यक्ति की मौत पर भारी नाराजगी जताई और कहा कि समय पर उपचार नहीं करने के कारण मरीज की मौत हो गई। खंडपीठ ने कहा कि सबसे पहले कोई भी मरीज जब गंभीर हालत अस्पताल में आता है तब अस्पताल से यह अपेक्षा की जाती है कि अस्पताल प्रशासन पहले मरीज को दाखिल करेगा और फिर उपचार करेगा। इस मामले में मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत थी। अस्पताल को तुरंत मरीज को आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटिलेटर पर रखना चाहिए था। फीस सहित अन्य औपचारिकता बाद में की जा सकती थी।

हाईकोर्ट ने इस घटना को काफी दुखद बताते हुए अस्पताल के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़़ी कार्रवाई करने को कहा है। इसमें यह भी कहा गया कि मनपा प्रशासन ने अस्पताल को नोटिस जारी किया है लेकिन इस मामले में सिर्फ स्पष्टीकरण ही उचित नहीं है। इस मामले में संबंधित थाने में तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। इस मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई रखी गई है।

Uday Kumar Patel Reporting
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