Gujarat: गुजरात ने जारी की नई सौर ऊर्जा नीति, एमएसएमई की उत्पादन लागत घटेगी

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By: Uday Kumar Patel

Published: 30 Dec 2020, 10:23 PM IST

अहमदाबाद. गुजरात सरकार ने नई सौर ऊर्जा नीति 2021 की घोषणा की। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि नई सौर नीति के परिणामस्वरूप राज्य में सौर ऊर्जा का उत्पादन और खपत बढऩे से उद्योगकारों की उत्पादन लागत कम होने की संभावना है। इसके मार्फत ‘मेड इन गुजरात’ ब्रांड का दुनिया में डंका बजेगा।

नई सोलर नीति के तहत राज्य में कोई भी व्यक्ति, डवलपर या उद्योग अपनी जमीन या परिसर में बिना किसी सीमा के अपनी जरूरतों के अनुसार सोलर प्रोजेक्ट स्थापित कर सकेगा। सोलर प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए उद्योग सेंक्शंड लोड या कॉन्ट्रेक्ट डिमांड की 50 फीसदी की मौजूदा सीमा को हटाया। ग्राहक अपनी छत या परिसर पर सोलर प्रोजेक्ट स्थापित कर सकेगा। साथ ही अपनी छत, स्थान या परिसर में बिजली उत्पादन और खपत के लिए थर्ड पार्टी को लीज पर भी दे सकेगा। बिजली कंपनियों को पीपीए के लिए दी जाने वाली सिक्योरिटी डिपॉजिट की रकम प्रति मेगावाट 25 लाख रुपए से घटाकर 5 लाख रुपए प्रति मेगावाट की गई।

एमएसएमई की उत्पादन लागत घटेगी

उन्होंने कहा कि राज्य के सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्योगों (एमएसएमई) की उत्पादन लागत सौर ऊर्जा के उपयोग के कारण घटेगी। ऐसे उद्योग सहित राज्य के बड़े उद्योग भी विश्व बाजार की प्रतिस्पर्धा में खड़े रह सकेंगे। इसके तहत स्थापित सोलर प्रोजेक्ट के लाभों को 25 वर्ष की प्रोजेक्ट अवधि के लिए प्राप्त किया जा सकेगा। इस नीति के तहत आवासीय उद्देश्य के ग्राहकों के लिए, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक ग्राहकों के कैप्टिव उपयोग के, थर्ड पार्टी के मार्फत औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहक को बेचने के तथा बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को बिजली बेचने के प्रोजेक्ट स्थापित किए जा सकेंगे।

Uday Kumar Patel Reporting
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