गहरे समुद्र में डिस्चार्ज के लिए 5500 करोड़ की गुजरात सरकार की योजना

गहरे समुद्र में डिस्चार्ज के लिए 5500 करोड़ की  गुजरात सरकार की योजना

Uday Kumar Patel | Publish: Dec, 12 2018 11:47:53 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

जीपीसीबी, जीआईडीसी सभी मंजूरी ऑनलाइन करें : रूपाणी

 

अहमदाबाद. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राज्य के उद्योगों को सहूलियत के लिए गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) और गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) की ओर से दी जाने वाली सभी मंजूरी को ऑनलाइन करने का आह्वान किया है।

अंकलेश्वर में 5, पानोली में एक एमएलडी डिस्चार्ज की नई मंजूरी

सीएम ने जीपीसीबी और जीआईडीसी से जुड़ी कई घोषणाएं की हैं। इसके तहत अंकलेश्वर में 5 एमएलडी और पनोली में एक एमएलडी के औद्योगिक गंदा पानी के डिस्चार्ज की नई मंजूरी आरंभ की गई है। अंकलेश्वर व पनोली इलाके में पिछले दस वर्षों से सीईटीपी की कार्यक्षमता व गंदे पानी के निपटारे के प्रश्नों के कारण डिस्चार्ज की नई मंजूरी नहीं दी जाती थी।
राज्य सरकार ने पिछले एक दशक से लंबित इस मांग का निपटारा कर दिया है। इस निर्णय से इस इलाके के करीब 200 नए उद्योगों या कार्यरत उद्योग अपना विस्तार कर सकेंगे। इससे राज्य को एक हजार का पूंजीनिवेश और 50 हजार रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

गहरे समुद्र में डिस्चार्ज के लिए 5500 करोड़ की योजना

राज्य में उद्योगों के शुद्धिकरण किए गए गंदे पानी को मुख्य रूप से नदी में डिस्चार्ज किया जाता है। इसके लिए वेरावल से वापी तक शुद्धिकरण किए गए औद्योगिक रूप से गंदे पानी को गहरे समुद्र में डिस्चार्ज के लिए 5500 करोड़ की संकलित योजना संबंधित नीति वाइब्रेंट गुजरात से पहले घोषित की जाएगी। इससे नदियों का प्रदूषण दूर होगा।
82 हजार करोड़ के औद्योगिक निवेश व 5483 करोड़ के पर्यावरण से जुड़े आधारभूत विकास के लिए निवेश होगा।

मुख्यमंत्री ने जीडीआईसी से जुड़ी घोषणाएं भी की। इसके तहत जीआईडीसी की ओर से आवंटित प्लॉट के उपयोग की समय सीमा पहले 3, 4 और 5 वर्ष थी। अब इसे एक लाख वर्ग किलोमीटर तक की इकाइयों के लिए 4 वर्ष की समय सीमा की गई है। इसके अलावा 3 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के प्लॉट/शेड का आवंटन प्राप्त करने वालों को जो 3 वर्ष में उत्पादन करें तो बैलेन्स कैपिटल में 3 फीसदी छूट दी जाएगी।
जीआईडीसी की ओर से इकाइयों को पुनर्जीवित करने के लिए राहत दी गई है। इसके अलावा जुर्माने व विलंबित ब्याज में राहत की घोषणा की गई है। जीआईडीसी की ओर से औद्योगिक आधारभूत संरचना के विकास में मदद और एमएसएमई के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रूपाणी का सम्मान किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण राज्य मंत्री जयद्रथ सिंह परमार, जीआईडीसी के अध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत, वन व पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव व उद्योग विभाग के प्रधान सचिव एम. के. दास, जीआईडीसी की एमडी डी. तारा सहित विभिन्न जीआईडीसी एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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