जीयू में तीन की जगह दो घंटे में देनी होगी परीक्षा!

जीयू में तीन की जगह दो घंटे में देनी होगी परीक्षा!

Nagendra Singh | Publish: Feb, 15 2018 11:24:51 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

अकादमिक परिषद व सिंडीकेट में प्रस्ताव पर हुई चर्चा

अहमदाबाद. गुजरात विश्वविद्यालय से स्नातक, स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को अब तीन की जगह दो घंटे में ही पेपर हल करना पड़ सकता है। गुजरात विश्वविद्यालय ने परीक्षा के समय को तीन घंटे से घटाकर दो घंटे करने की दिशा में कवायद शुरू की है। इसके लिए जीयू प्रशासन ने प्रश्नपत्र के प्रारूप में भी बदलाव करने की तैयारी की है।

गुरुवार को जीयू में हुई अकादमिक परिषद (एसी) और एक्जीक्यूटिव काउंसिल (सिंडीकेट-ईसी) की बैठक में इस बाबत पेश हुए प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई। जिसके बाद इस पर निर्णय करने के लिए समिति बनाने का निर्णय किया है।

जीयू के कुलपति डॉ. हिमांशु पंड्या ने बताया कि जीयू प्रशासन ने विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ली जाने वाली सभी विषयों की परीक्षाओं के समय को तीन घंटे से घटाकर दो घंटे करने पर भी विचार शुरू किया है। इसके लिए प्रश्न-पत्र के प्रारूप में भी बदलाव किया जाएगा। मौजूदा १४-१४ अंक के पांच प्रश्नों की जगह तीन प्रश्न २०-२० अंक के और एक प्रश्न दस अंक का रखते हुए पेपर तैयार किया जाएगा, जिसे हल करने के लिए दो घंटे का समय दिया जाएगा। ऐसा होने पर एक दिन में तीन विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगीं। जिससे परीक्षाएं जल्द खत्म हो सकेंगी और परिणाम जारी करने के लिए भी ज्यादा समय मिल सकेगा। सिंडीकेट ने इस प्रस्ताव पर भी विचार करने के लिए समिति गठित करने को हरी झंडी दी है।

यूजी में भी सेंट्रलाइज्ड सिस्टम खत्म करने पर विचार
जून-२०१८ से शुरू होने जा रहे नए शैक्षणिक वर्ष में पोस्ट ग्रेजुएट (स्नातकोत्तर) पाठ्यक्रमों में अब विवि की ओर से केन्द्रीय पद्धति के जरिए प्रवेश नहीं दिए जाएंगे। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा, लेकिन प्रवेश संबंधित भवन-कॉलेज देंगे। स्नातक पाठ्यक्रमों (यूजी) में भी केन्द्रीय पद्धति से प्रवेश की पद्धति को रद्द किया जाए या नहीं इस पर विवि प्रशासन विचार किया जाएगा। स्नातक कोर्स में भी केन्द्रीय प्रवेश पद्धति को रद्द करने पर विचार किया जाएगा। इसके लिए एक समिति गठित की जा रही है। पीजी पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर सिस्टम बरकरार रहेगी, लेकिन स्नातक पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर सिस्टम को रद्द किया जाए या उसमें बदलाव किया जाए इसको लेकर विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, प्राचार्यों से विचार विमर्श किया जाएगा। इस निर्णय से सरकार को अवगत कराया जाएगा।

12 नए भवन बनाने की तैयारी
सिंडीकेट की बैठक में जीयू के जर्जरित हो चुके करीब 12 भवनों को तोड़कर बनाने एवं उनकी मरम्मत की रिपोर्ट आने से इन्हें दोबारा से बनाने या फिर उनकी मरम्मत कराने का प्रस्ताव सिंडीकेट की बैठक में रखा गया। इस पर विचार करने का निर्णय हुआ है।

१९ नए व्याख्याता की भर्ती को मंजूरी
राज्य सरकार की ओर से जीयू को विभिन्न विभागों में 19 नए व्याख्याताओं को भर्ती करने की मंजूरी दी गई है। इसमें फोरेंसिक साइंस, जर्नालिज्म, उपासना स्कूल व अन्य विज्ञान से जुड़े विषय शामिल हैं।

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