गांव टूटे और शहर बढ़े यही आज की मुख्य समस्या-गोपालकृष्ण गांधी

Gujarat vidhyapith, Gopal krishna Gandhi, Ahmedabad, Village, City गुजरात विद्यापीठ के शताब्दी वर्ष समापन समारोह, १०१ वां स्थापना दिवस समारोह मनाया

By: nagendra singh rathore

Published: 18 Oct 2020, 10:19 PM IST

अहमदाबाद. कोरोना महामारी में एक ओर चिकित्सक, नर्स, सफाई कर्मचारियों और दूसरी ओर किसानों ने देश को बचाया है। गांव टूटे हैं और शहर जिस तरह से बढ़े हैं। यही आज की सबसे बड़ी समस्या है। यह कहना है राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र एवं पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी का।
वे रविवार को महात्मा गांधी की ओर से स्थापित अहमदाबाद स्थित गुजरात विद्यापीठ के शताब्दी वर्ष समारोह के समापन और १०१ वें स्थापना दिवस समारोह को ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने समारोह को मुख्य अतिथि पद से संबोधित करते हुए कहा कि वे आशा करते हैं कि सभी महात्मा गांधी, सरदार पटेल, राजेन्द्र बाबू और कृपलानी के दिखाए मार्गों पर सौ सालों से चल रहे होंगे। महात्मा गांधी ने १८ अक्टूबर के दिन ही १९२० में गुजरात विद्यापीठ की स्थापना की थी।
विद्यापीठ के प्रत्येक परिसर में विभाग में तथा ग्राम सेवला केन्द्रों में गांधी विचारधारा को लक्ष्य में रखते हुए शताब्दी वर्ष के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। अहमदाबाद के विद्यापीठ परिसर में स्थित प्राणजीवन छात्रालय में कुलनायक डॉ अनामिक शाह ने ध्वजवंदन किया। सभी विभागों औरकेन्द्रों में भी ध्वजवंदन किया गया। प्रतिज्ञत्रा ली गई कि महात्मा गांधी के साहित्य का पठन करना उस पर मनन करना विचार गोष्ठी का आयोजन करना और कताई, स्वच्छता का कार्य कियाजाएगा।
विद्यापीठ की कुलाधिपति समाजसेविका इलाबेन भट्ट ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आगामी शताब्दी में गुजरात विद्यापीठ ऊर्जा पीठ और रोटीपीठ बनी रहेगी। कुलनायक अनामिक शाह ने शताब्दी वर्ष के कार्यों की रिपोर्ट पेश की। विद्यापीठ के विस्रण निदेशक राजेन्द्र खीमाणी ने सभी का आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन निमिषाबेन शुक्ला ने किया, जबकि शुरूआत भद्राबेन ने प्रार्थना करके की थी।

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