हार्दिक ने जारी की वसीयत, माता-पिता को बताया वारिस, नेत्रदान की इच्छा

हार्दिक ने जारी की वसीयत, माता-पिता को बताया वारिस, नेत्रदान की इच्छा

nagendra singh rathore | Publish: Sep, 02 2018 10:08:46 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

एक कार, बीमा पॉलिसी, नकद ५० हजार में से ३० हजार गोशाला को,
लिखी जा रही बुक की रॉयल्टी माता-पिता, बहन और मारे गए पाटीदारों के परिजनों को देने का उल्लेख

अहमदाबाद. पाटीदारों को आरक्षण और गुजरात के किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी की मांग को लेकर २५ अगस्त से आमरण अनशन पर बैठे पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने नौवें दिन भी गुजरात सरकार के कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाने से और बिगड़ती हालत को देख वसीयत जारी की है। जिसमें उन्होंने उनकी संपत्ति का वारिस अपने माता-पिता को घोषित किया है।
रविवार दोपहर को जारी की गई वसीयत की जानकारी देते हुए पास संयोजक मनोज पनारा ने संवाददाताओं को बताया कि हार्दिक ने उनके नाम की संपत्ति का वारिस अपने पिता भरत नरसिंह पटेल, माता ऊषाबेन को घोषित किया है। एक्सिस बैंक खाते में ५० हजार नकदी होने का दावा किया है। इसमें से २० हजार रुपए माता-पिता को देने और ३० हजार उनके गांव के पास वीरपुर की गोशाला को दान में देने का उल्लेख किया है। हार्दिक पटेल के नाम पर एक कार है एवं लाइफ इंश्योरेंस की २०१४ में ली गई एक पॉलिसी है।
हार्दिक के ऊपर 'हू टुक माय जॉब' नाम से एक पुस्तक लिखी जा रही है। इस बुक के प्रकाशन के बाद बिक्री से मिलने वाली बड़ी रोयल्टी की राशि में से १५ प्रतिशत राशि उनके माता-पिता, १५ प्रतिशत राशि उनकी बहन और शेष राशि पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए पाटीदारों के परिजनों को देने और नेत्रदान की इच्छा जताई है। नोटरी एम.आई.शेख की ओर से इस वसीयत को नोटराइज्ड किया गया है।

हार्दिक के ऊपर 'हू टुक माय जॉब' नाम से एक पुस्तक लिखी जा रही है। इस बुक के प्रकाशन के बाद बिक्री से मिलने वाली बड़ी रोयल्टी की राशि में से १५ प्रतिशत राशि उनके माता-पिता, १५ प्रतिशत राशि उनकी बहन और शेष राशि पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए पाटीदारों के परिजनों को देने और नेत्रदान की इच्छा जताई है। नोटरी एम.आई.शेख की ओर से इस वसीयत को नोटराइज्ड किया गया है।

Ad Block is Banned