Gujarat : भारी बारिश से नदी नालों में उफान, सूत्रापाड़ा में सात इंच

-बांधों में लगातार जलस्तर बढऩे से छोड़ा गया पानी
-निचले इलाकों में सतर्कता के आदेश

By: Omprakash Sharma

Published: 30 Aug 2020, 09:13 PM IST

अहमदाबाद. प्रदेश में भारी बारिश का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। कुल 251 में से 245 तहसीलों में बूंदाबांदी से लेकर सात इंच तक बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक गिरसोमनाथ जिले की सूत्रापाड़ा तहसील में 174 मिलीमीटर (करीब सात इंच) और उत्तर गुजरात के बनासकांठा की दांता तहसील में छह इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते बांधों में लगातार जलस्तर बढ़ाने से पानी छोड़ा जा रहा है जिससे नदी-नालों में उफान देखा गया है। निचले इलाकों में सर्तर्कता के आदेश दिए गए हैं वहीं विविध शहरों में एनडीआरएफ की 13 टीम भी तैनात की गई हैं।
राज्य में रविवार सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक सूत्रापाड़ा में करीब सात इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बनासकांठा की दांता तहसील में सवा छह इंच, मोरबी में छह इंच से अधिक, सूरत की मांगरोल में करीब छह इंच, देवभूमि द्वारका की कल्याणपुर, जामनगर में तथा पंचमहाल की हालोल में साढ़े पांच इंच के आसपास बारिश हुई। जबकि बोटाद की गढड़ा एवं जूनागढ़ की विसावदर तहसील में पांच-पांच इंच बारिश हुई। सात तहसीलों में पांच इंच से कम और चार इंच से अधिक बारिश हुई। 47 तहसीलों में दो इंच से अधिक और चार इंच से कम बारिश हुई। जबकि अन्य तहसीलों में हल्की से लेकर दो इंच तक बारिश हुई।

घरों में घुसा पानी, मनपा विपक्ष के नेता जख्मी
सौराष्ट्र में बारिश का जोर ज्यादा रहा। रीजन के प्रमुख शहर राजकोट में रविवार को मूसलाधार बारिश के चलते चहुंओर पानी ही पानी नजर आया। शहर के गोंडल रोड लोधावड चौक में घर की बाहर पार्क गाडिय़ां डूब गई। विजय प्लॉट क्षेत्र में घरों में पानी घुस गया। शहर की अन्य सड़कों पर भी नदी की तरह पानी दिखाई दिया। राजकोट महानगर पालिका के विपक्ष के नेता वशराम सागठिया बारिश जन्य हादसे में घायल हो गए। बताया गया है कि वे हालात जानने के लिए सड़कों पर निकले थे उस दौरान उनके हाथ में चोट आई थी। सौराष्ट्र के न्यारी-2 समेत कई बांध ओवरफ्लो हो गए। उधर, बोटाद जिला के गढड़ा क्षेत्र में लगातार बारिश से आसपास की नदियों में बाढ़ के हालात हैं। धेला नदी में पानी का स्तर लगातर बढ़ रहा है। इसकी वजह से सड़कों पर आवागमन रोकना पड़ा। कुछ इसी तरह के हालात भावनगर में भी देखे गए जहां सड़के डूब गईं। भावनगर में रंधोला डेम ओवरफ्लो हो गया। उधर गिरसोमनाथ जिले में कपिला नदी का जलस्तर बढऩे से सोनारिया गांव में पानी घुस गया। मोरबी स्थित े वजेपर, वावाडी रोड समेत कई क्षेत्रों में घरों में पानी भर गया।

बारिश के कारण 149 मार्ग बाधित
राज्य में भारी बारिश के कारण 149 मार्ग बंद करने पड़े हैं। इनमें कच्छ जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। जबकि 21 मार्ग स्टेट हाईवे हैं। प्रभावितों में पंचायत अधीन मार्गों की संख्या सबसे अधिक 127 है।

अब तक हो चुकी है मौसम की 114 फीसदी बारिश
प्रदेश में रविवार शाम तक मौसम की लगभग 114 फीसदी बारिश हो चुकी है। राज्य पिछले 30 वर्षों में हुई बारिश के आधार पर एक वर्ष में बारिश का औसत 831 मिलीमीटर होता है। जबकि अब तक 940 मिलीमीटर से अधिक औसत बारिश हो चुकी है। राज्य की कुल 251 तहसीलों में से 82 तहसील ऐसी हैं जिनमें मौसम की एक हजार मिलीमीटर से अधिक बारिश मौसम की बारिश हो चुकी है। इसके अलावा 140 तहसीलों में 500 मिलीमीटर से अधिक और 1000 मिलीमीटर से कम, तथा 29 में 250 मिलीमीटर से अधिक और 500 मिलीमीटर से कम बारिश हो चुकी है।

Omprakash Sharma Reporting
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