नागालैंड के लामा परिवार की मदद को उठे हाथ

-अस्पताल में भी सहयोग करने पहुंचे लोग

-पत्रिका ने प्रकाशित की थी खबर

By: Omprakash Sharma

Published: 06 Jan 2021, 10:27 PM IST

अहमदाबाद. एक के बाद एक विपत्तियों में घिरे नागालैंड के लामा परिवार को सहयोग करने की इच्छा लोगों में जागने लगी है। राजस्थान पत्रिका के सोमवार के अंक में प्रकाशित खबर को पढकऱ मंगलवार से ही लोगों के इस परिवार के मदद को फोन आने लगे हैं। इस परिवार के लिए भले ही अहमदाबाद शहर अनजान है लेकिन पत्रिका में प्रकाशित खबर के बाद यहां के लोगों का सहयोग जिस तरह से मिल रहा है वह अपनों से भी अधिक है। एक के बाद एक आपदा आने से यह परिवार न सिर्फ मानसिक रूप रुप से बल्कि आर्थिक रूप भी टूट सा गया है। परिवार की स्थिति को जानकर लोग उनकी मदद को आए हैं।

परिवार के लिए बुधवार को मदद को आए लोगों से उनका मनोबल बढ़ गया है। परिवार की 14 वर्षीय डोलमा ने बताया कि बुधवार को उन्हें घर आकर एक पुलिस अधिकारी ने आर्थिक रूप से मदद पहुंचाई। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से परिवार को मदद की इच्छा जताई गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्र सेवा समिति की प्रचारिका संध्या पूर्वोत्तर की प्रचारिका के साथ लामा परिवार से मिलने और मदद की इच्छा जता रहीं हैं।
बताया गया है कि एक पुलिस अधिकारी ने लामा परिवार को एक महीने में होने वाले खर्च को वहन किया है साथ ही उन्होंने आगामी दिनों में भी सहयोग करने का भरोसा जताया है। उधर अहमदाबाद के ब्रह्म समाज की ओर से भी इस परिवार को मदद की इच्छा जताई गई है।

सुन्दरी का हर सप्ताह तीन बार डायलिसिस यहां सिविल अस्पताल परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिस एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) अर्थात किडनी अस्पताल में होता है। जिससे लोग अब किडनी अस्पताल में भी मदद को पहुंचे हैं। किडनी अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बुधवार को दो से तीन लोग मदद करने की इच्छा से पहुंचे हैं। इसके अलावा मंगलवार को पत्रिका कार्यालय में भी मदद के लिए कई फोन आए हैं। लोग इस परिवार की मदद को आगे आ रहे हैं।

गौरतलब है कि नागालैण्ड के दीमापुर से तीन माह पूर्व किडनी ट्रान्सप्लान्ट कराने आई सुंदरी लामा (38) यहां किराए से रह रही है। उसे पूरा भरोसा था कि अहमदाबाद आने से उसकी विपत्तियां कम हो जाएंगी। लेकिन यहां उनकी परेशानी उस दौरान बढ़ गई थीं जब उन्हें किडनी देने के लिए साथ में आए देवर संजीव लामा (38) की दुर्घटनावश या बीमारी वश मौत हो गई। रविवार को देवर के निधन से शोकग्रस्त सुंदरी इस बात को लेकर भी चिन्तित थी कि नए शहर में अब अकेली कैसे इलाज करा पाएगी। लेकिन अब उनका मनोबल बढऩे लगा है।

Omprakash Sharma Reporting
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