IITE : परिसर में एक हजार पौधे रोपे

IITE-Gandhinagar, plantation, 1000, education minister, Social distancing, 'बदलते हालातों में मिश्रित शिक्षा प्रणाली की जरूरत'

By: Pushpendra Rajput

Published: 30 Jun 2020, 09:47 PM IST

गांधीनगर. कोरोना वायरस (corona virus) के चलते जीवन थम सा गया था, लेकिन अब धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रहा है। ऐसे समय में सोशल डिस्टेसिंग (Social distancing) और स्वास्थ्य प्रति सजग रहकर यह कार्यक्रम हुआ। कोरोना की वजह से बदले हालातों में मिश्रित शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता है। कोरोना वैकेशन के बाद यह पहला प्रत्यक्ष कार्यक्रम है। राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री (education minister) भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा मंगलवार को गांधीनगर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर एज्युकेशन (IITE) के दशाब्दी वर्ष पर सोशल डिस्टेसिंग (Social distancing) के साथ आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
शिक्षामंत्री ने कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी के हालातों में पैदा हुए नए हालात में भी शिक्षा प्रक्रिया बनाए रखना जरूरी है। गुजरात सरकार हर वर्ष प्राथमिक स्कूलों बच्चों को प्र्रथम वर्ष में दाखिला दिलाने के लिए प्रवेशोत्सव का आयोजन करती है। इस वर्ष भी शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की मदद से सोशल डिस्टेसिंग के जरिए स्कूल प्रवेशोत्सव किया, जिसमें अब तक छह लाख बच्चों को डिजिटल तकनीक (digital technolgy) से समन्वय बनाकर प्रवेश दिया है। बदले हालातों में मिश्रित शिक्षा प्रणाली ही उपयोगी होगी।

देश के श्रेष्ठ 100 विश्वविद्यालयों में बनाएं जगह

उन्होंने आईआईटीई के मंच से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों से आह्वान किया कि आगामी समय में राज्य की अधिकतम विश्वविद्यालय भारत के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में अपना स्थान बनाएं। एनआईआरएफ रैकिंग में गुजरात यूनिवर्सिटी ने जगह बनाई है। अगले वर्ष इस सूची में राज्य के और भी विश्वविद्यालय स्थान बनाए इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को सामूहिक विचार-विमर्श करना चाहिए।

परिवार, मोहल्लों और समाज की चर्चा हो क्लासरूम में

इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय विज्ञान प्रशिक्षक और गुजरात विद्यापीठ के पूर्व कुलनायक तथा लोकभारती ग्राम विद्यापीठ के प्रबंध न्यासी प्रो. अरुण दवे ने प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने मौजूदा शिक्षा प्रणाली में शिक्षा साधन को सिद्ध करने के लिए कहां और कैसे उपयोग करने पर जोर दिया। हमने शिक्षा को सूचना प्रधान बना दिया है, लेकिन अब उसे जीवनोपयोगी बनाना जरूरी है। हमारे परिवार, मोहल्लों और समाज की समस्याओं की चर्चा क्लासरूम में होनी चाहिए. लेकिन उसके विपरीत हो रहा है।

प्रशिक्षकों को हर वर्ष दिया जाएगा चाणक्य सम्मान

आईआईटीई के कुलपति डॉ. हर्षद पटेल ने स्थापना दिवस पर टीचर यूनिवर्सिटी के पांच अहम संकल्पों की घोषणा की। उन्होंने शिक्षक प्रशिक्षण के विषयों में मेसिव ऑपन ऑनलाइन कोर्सिज के जरिए विशिष्ट 'एकेडमिक नेटवर्क ग्लोबल इंस्ट्रक्शनल रिसोर्सेज एकेमिशियनÓ 'अंगिराÓ की शुरुआत होगी। शिक्षक-प्रशिक्षकों के सम्मान के लिए हर वर्ष विशिष्ट पुरस्कार- चाणक्य दिया जाएगा। आईआईटीई के विद्यार्थियों के लिए 40 फीसदी तक ऑनलाइन शिक्षा को भी क्रेडिट में तब्दील किया जा सकेगा। इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने गत वर्ष सेवानिवृत्त छह शिक्षक-प्रशिक्षकों का सम्मान किया गया। वहीं आईआईटीई के दशाब्दी वर्ष पर परिसर में एक हजार पौधे रोपे गए।

Corona virus
Pushpendra Rajput Reporting
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