ओबीसी में क्रीमीलेयर की आय सीमा बढ़ाने को चुनौती

ओबीसी में क्रीमीलेयर की आय सीमा बढ़ाने को चुनौती
Ahmedabad news

Shankar Sharma | Publish: Oct, 19 2016 11:29:00 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

गुजरात उच्च न्यायालय ने अति पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के तहत क्रीमी लेयर की आय सीमा बढ़ाने की सिफारिश के मामले में राज्य व  केन्द्र सरकार तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) को नोटिस जारी किया है

अहमदाबाद. गुजरात उच्च न्यायालय ने अति पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के तहत क्रीमी लेयर की आय सीमा बढ़ाने की सिफारिश के मामले में राज्य व  केन्द्र सरकार तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी व न्यायाधीश वीएम पंचोली की खंडपीठ ने सेवानिवृत्त अधिकारी मणिभाई पटेल की ओर से दायर जनहित याचिका बुधवार को सुनवाई के बाद इन प्रतिवादियों से जवाव  मांगा। अगली सुनवाई 23 नवम्बर को होगी। याचिकाकर्ता के वकील दिलीप राणा के मुताबिक एनसीबीसी ने वर्ष 2015 में ओबीसी के तहत क्रीमी लेयर की आय सीमा को बढ़ाने की सिफारिश की है।


इसके तहत छह लाख की वार्षिक आय की सीमा को बढ़ाकर क्रमश: 9 लाख व 12 लाख कर दिया गया है। सिफारिश के तहत ग्रामीण क्षेत्रों  के लोगों के लिए आय सीमा 9 लाख रुपए प्रति वर्ष तथा शहरी क्षेत्रों के लोगों के लिए 12 लाख रुपए प्रति वर्ष की आय सीमा रखी गई है। यह  सिफारिश तार्किक नहीं है। इसलिए यह आय सीमा नहीं बढ़ानी चाहिए।  एनसीबीसी वर्ष 1993 से हरेक अंतराल पर यह आय सीमा बढ़ाती है।

राणा ने दलील दी कि एक लाख रुपए प्रति महीने कमाने वाले को ओबीसी के क्रीमी लेयर के तहत नहीं लाया जा सकता। इसके तहत 2 एकड़ की  जमीन वाले किसानों को शामिल किया जाना चाहिए।  साथ ही ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के इंदिरा साहनी के फैसले का पूरी तरह अमलीकरण नहीं  किया जाता। ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण दिया जाता है।
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