आईआईटी गांधीनगर में नौसैनिक कर सकेंगे पीएचडी, पीजी

आईआईटी गांधीनगर में नौसैनिक कर सकेंगे पीएचडी, पीजी

nagendra singh rathore | Publish: May, 07 2018 09:41:29 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

आईआईटी गांधीनगर व नौसेना के बीच किया करार

अहमदाबाद. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-गांधीनगर (आईआईटी-गांधीनगर) में अब भारतीय नौ सेना के नौसेनिक स्नातकोत्तर (पीजी) एवं पीएचडी की पढ़ाई कर सकेंगे। इतना ही नहीं आईआईटी-गांधीनगर के विद्यार्थी भी नौसेना के पोत, बेस का दौरा कर सकेंगे और अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर दोनों ही के लिए उपयोगी हों ऐसे रिसर्च प्रोजेक्ट कर सकेंगे।
इसके लिए सोमवार को आईआईटी गांधीनगर एवं नौसेना के बीच एक समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। आईआईटी गांधीनगर की ओर से संस्थान के एक्सटर्नल रिलेशन के प्रभारी प्रोफेसर एस.पी.मेहरोत्रा ने हस्ताक्षर किए जबकि नौसेना की ओर से आईएनएस वालसुरा के कमांडिंग ऑफिसर कोमोडोर इन्द्रजीत दासगुप्ता ने हस्ताक्षर किए।
समझौते के तहत संस्थान और नौसेना मिलकर रिसर्च और दोनों ही के लिए उपयोगी हों ऐसे विकास के क्षेत्रों में काम करेंगे। संस्थान के विद्यार्थी, प्रोफेसर नौसेना के कार्यालय, पोत का दौरा कर सकेंगे। वहीं नौसेना के अधिकारी आईआईटी गांधीनगर में पीएचडी एवं पीजी कोर्स कर सकेंगे। इन्हें विशेष तवज्जो दी जाएगी।
संस्थान के निदेशक प्रो.सुधीर जैन ने नौसेना के साथ मिलकर रिसर्च प्रोजेक्ट व एजूकेशन के क्षेत्र में काम करने का मौका मिलने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने इसे दोनों ही के लिए उपयोगी समझौता बताया। संस्थान के विद्यार्थियों को नौसेना के साथ मिलकर इन्टनर्शिप करने का मौका मिलेगा। वहीं नौसेना के अधिकारी भी संस्थान में आकर पीएचडी, पीजी कर सकेंगे एवं साथ में मिलकर शोध कर सकेंगे। कोमोडोर इन्द्रजीत दासगुप्ता ने इस करार पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों ही संस्थाएं मिलकर आगामी दिनों में बेहतर काम करेंगीं।

संस्थान के निदेशक प्रो.सुधीर जैन ने नौसेना के साथ मिलकर रिसर्च प्रोजेक्ट व एजूकेशन के क्षेत्र में काम करने का मौका मिलने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने इसे दोनों ही के लिए उपयोगी समझौता बताया। संस्थान के विद्यार्थियों को नौसेना के साथ मिलकर इन्टनर्शिप करने का मौका मिलेगा। वहीं नौसेना के अधिकारी भी संस्थान में आकर पीएचडी, पीजी कर सकेंगे एवं साथ में मिलकर शोध कर सकेंगे। कोमोडोर इन्द्रजीत दासगुप्ता ने इस करार पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों ही संस्थाएं मिलकर आगामी दिनों में बेहतर काम करेंगीं।

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