Railway: अब यात्रियों को लौटने में टिकटों के लिए मारामारी ...

Indian railway, passengers, railway tickets, agents, bogus tickets: एजेन्ट्स काट रहे हैं चांदी...

By: Pushpendra Rajput

Published: 15 Sep 2020, 09:46 PM IST

गांधीनगर. कोरोना महामारी (corona) के चलते जब लॉकडाउन (Lockdown) हुआ तो प्रवासियों को गांव जाने के लिए भटकना पड़ा, लेकिन बाद में रेल प्रशासन (Railway administration) और राज्य सरकार ने श्रमिकों (shramik) को वतन पहुंचाने के लिए श्रमिक ट्रेनें चलाई गई, लेकिन उस समय भी ट्रेन की टिकटों मारामारी रही, लेकिन अनलॉक होने बाद रोजगार धंधे शुरू हो गए हैं, लेकिन नियमित ट्रेनें नहीं दौड़ई गईं। इसके बजाय सीमित स्पेशल ट्रेनें दौड़ाई जा रही है। इन ट्रेनों में टिकटों को लेकर मारमारी हो रही है।

जाली टिकट (bogus tickets) पर सफर करते पकड़े गए यात्री
हालात यह है टिकटों के लिए यात्री एजेन्ट्स का सहारा ले रहे हैं। इसके एवज में एजेन्ट्स यात्रियों से दोगुना चार्ज वसूल रहे हैं। विशेष तौर पर उत्तर भारत और बिहार की ट्रेनोंं टिकटों को लेकर ज्यादा मारामारी है। कई ऐसे किस्से में सामने आए हैं, जिसमें दूरदराज इलाकों में रहने वाले यात्रियों को अहमदाबाद या उसके आसपास के स्टेशन से तत्काल टिकट लेकर उसका ब्योरा ई-टिकट पर भरकर भेजा गया। वहीं कई यात्री टिकट का फोटोकॉपी लेकर सफर करते पकड़े गए। हाल ही में रेलवे अधिकारियों की टीम ने चलती ट्रेनों में दबिश देकर ऐसे किस्से पकड़े और यात्रियों से जुर्माना भी वसूला।

नियमित ट्रेनें दौड़ाने की उठी मांग

जोनल रेलवे उपभोक्तादात्री समिति (जेडआरयूसीसी) के सदस्य योगेश मिश्रा ने उत्तर प्रदेश और बिहार की जो नियमित तौर पर ट्रेनें चलाई जाती हैं उन्हें फिर से शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि पूर्वी उत्तर भारत से आने वाली ट्रेन हावड़ा - अहमदाबाद एक्सप्रेस, मुजफ्फरपुर -अहमदाबाद एक्सप्रेस,, गोरखपुर -अहमदाबाद एक्सप्रेस, दरभंगा -अहमदाबाद एक्सप्रेस, बनारस -अहमदाबाद एक्सप्रेस , पटना - अहमदाबाद एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस जैसी जो ट्रेन चलाई जा रही हैं उनमें अक्टूबर माह टिकट बुक हो चुका है। स्लीपर व सिटिंग यात्रियों को टिकट उपलब्ध नहीं होता है । जो प्रवासी मजदूर कोरोना महामारी के चलते हुए लोक डाउन में शुरू हुए श्रमिक ट्रेनों के द्वारा उत्तर प्रदेश, बिहार चले गए थे अब रोजगार खुलने से वे लौट रहे हैं, लेकिन ट्रेन में टिकट की उपलब्धता न होने के कारण वह नहीं आ पा रहे हैं।

बसों में चुकाना पड़ता दो से तीन गुना किराया

एडवोकेट भगतसिंह सिकरवार ने अहमदाबाद-आगरा (ग्वालियर) एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने की मांग की है। उनका है कि इस ट्रेन में राजस्थान के अलावा उत्तर और मध्यप्रदेशवासियों के लिए सुलभ ट्रेन हैं। इस ट्रेन को फिर से चलाना चाहिए ताकि इन इलाकों के लोगों को आवाजाही में दिक्कत नहीं है। लॉकडाउन से यह ट्रेन बंद हैं अब जो लोग वहां से लौटने चाहते हैं ट्रेन नहीं मिलने से बसों में दो से तीन गुना किराया भुगतान कर लौटना पड़ता है। जिस तरीके से अभी सोशल डिस्टेसिंग रखकर यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों में लाया जा रहा है वैसे नियमित ट्रेनों में भी लाया जा सकता ैह।

ये ट्रेनें चलाई गईं...

कोरोना के चलते लॉकडाउन खुलने के बाद रेल प्रशासन ने कई स्पेशल ट्रेनें तो दौड़ाई हैं, लेकिन नियमित ट्रेनें अब तक शुरू नहीं की। अभी भी कई स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा हुई है, जिनकी बुकिंग शुरू हो है, लेकिन इन स्पेशल ट्रेनों में रिटर्न टिकट बुकिंग शुरू होने के कुछ देरबाद ही हाउसफुल हो गई। प्रतीक्षासूची बढ़ गई है। रेल प्रशासन ने 12 सितम्बर से अहमदाबाद समेत देशभर में अस्सी ट्रेनें चलाई हैं।
अहमदाबाद आवाजाही करनेवाली कई ट्रेनों की बुकिंग शुरू होने कुछ ही देर में प्रतिक्षा सूची शुरू हो गई। ओरिस्सा के खुर्दा रोड से अहमदाबाद आने वाली ट्रेन में पहले ही फेरे में जनरल कोच में वेटिंग 80 से 85 तक पहुंच गई। वहीं स्लीपर में 300 से ज्यादा हो गई। तृतीय श्रेणी में पचास से ज्यादा हो गई। द्वितीय श्रेणी में 16 तक हो गई। वहीं अहमदाबाद से बीकानेर-यशवंतपुर एक्सप्रेस में जनरल कोच में वेटिंग 35 से ज्यादा, स्लीपर में 120 तृतीय श्रेणी में 32 और सेकेण्ड एसी में 15 तक वेटिंग पहुंच गई है। जबकि बीकानेर से अहमदाबाद के बीच स्लीपर में वेटिंग 150 तक पहुंच गई है।

रेलवे चलाएगा क्लोन ट्रेन

अहमदाबाद मंडल के जनसंपर्क अधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि यात्रियों की मांग पर रेल प्रशासन स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। ट्रेनें वेटिंग लिस्ट होने पर क्लोन ट्रेन चलाई जाती हैं। रेल प्रशासन ने देशभर में 19 क्लोन ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, जिसमें उसमें अहमदाबाद से दरभंगा एक्सप्रेस, अहमदाबाद-पटना और अहमदाबाद-दिल्ली के बीच चलाया जाना प्रस्तावित है।

Pushpendra Rajput Reporting
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