जेल के कैदी बनेंगे पेड़ों के पालक

वडोदरा के दंतेश्वर ओपन जेल में बनेगा 2 हजार पेडों का बगीचा

कृषि कार्य में कुशल कैदियों को फलों और औषधीय पेड़ों की देखभाल के कार्यों में लगाया जाएगा

गिर की गायों की गौशाला शुरू, कई कैदी गौपालक बने

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 04 Oct 2021, 11:24 PM IST

वडोदरा. वडोदरा मध्यस्थ जेल प्रशासन की ओर से दंतेश्वर क्षेत्र स्थित ओपन जेल में कैदियों को पेड़ों के पालक बनाने की शुरुआत की गई है। ओपन जेल में एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से 2 हजार पेड़ों का बगीचा तैयार किया जाएगा।
फिलहाल ओपन जेल में गिर की गायों की गौशाला शुरू होने से कई कैदी गौपालक बन चुके हैं। अब कृषि कार्य में कुशल कैदियों को ओपन जेल में बनने वाले बगीचे में खेती और सब्जी उगाने के कार्यों में लगाया जाएगा।
जेल अधीक्षक बलदेवसिंह वाघेला के निर्देशन में ओपन जेल के अधीक्षक बी.बी. झाला के नेतृत्व में शुरू किए गए अभियान के तहत एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से ओपन जेल में हाल ही दो हजार पौधे रोपे गए। वरिष्ठ जेलर वी.डी. बारिया व जेल कर्मचारी भी इस अभियान में जुटे। संस्था की ओर से वडोदरा जोन की प्रभारी बलजीत कौर मौजूद थीं।
सेंट्रल जेल के कैदी कल्याण अधिकारी महेश राठोड के अनुसार पेड़ व हरियाली से मन को शांति मिलती है। सांसारिक व्याधि-उपाधि के चलते हुई भूलों के चलते लोगों को कैदी बनने के लिए मजबूर होना पड़ा। ऐसे कैदियों को पेड़ों के पालक बनाने से पेड़ों की देखभाल के व्यायाम के माध्यम से मन को शांंति मिलेगी।
उनके अनुसार ओपन जेल में पेड़ों के बगीचे में आम, चीकू, आंवला, अनार, सीताफल, नींबू, सहजन आदि के पौधे रोपे गए हैं। फलों के पेड़ों से विभिन्न प्रजातियों के पक्षी भी बगीचे में विचरण करते दिखाई देंगे। फिलहाल ओपन जेल में गिर की गायों की गौशाला शुरू होने से कई कैदी गौपालक बन चुके हैं। अब कृषि कार्य में कुशल कैदियों को ओपन जेल में बनने वाले बगीचे में खेती और सब्जी उगाने के कार्यों में लगाया जाएगा।

Rajesh Bhatnagar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned