script147वीं रथयात्रा से पहले निकली जलयात्रा, 108 कलशों के जल से भगवान जगन्नाथ का जलाभिषेक | Jal Yatra started before the 147th Rath Yatra, Lord Jagjalabhishek was done with water from 108 urns | Patrika News
अहमदाबाद

147वीं रथयात्रा से पहले निकली जलयात्रा, 108 कलशों के जल से भगवान जगन्नाथ का जलाभिषेक

18 गजराज, बैल गाड़ी, बैंड बाजा, ध्वजा के साथ निकली जल यात्रा में साधू-संत व श्रद्धालु बड़ी संख्या में उमड़े। गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, महापौर प्रतिभा जैन, महंत दिलीपदास महाराज, अविचलदास महाराज ने साबरमती नदी में गंगा पूजन किया।

अहमदाबादJun 22, 2024 / 09:38 pm

nagendra singh rathore

jal yatra

अहमदाबाद में जगन्नाथ मंदिर से निकली जल यात्रा में उमड़े श्रद्धालु।

अहमदाबाद . देश की दूसरी सबसे बड़ी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के कार्यक्रमों का शनिवार से विधिवत आगाज हो गया। 7 जुलाई को शहर में निकलने जा रही भगवान जगन्नाथ की 147 वीं रथयात्रा से पहले शनिवार सुबह जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर से जलयात्रा निकली। 18 हाथी, 108 कलश, बैलगाड़ी, बैंड बाजा के साथ जगन्नाथ मंदिर से निकली जल यात्रा में बड़ी संख्या में साधू संत और श्रद्धालु उमड़े। मंदिर से साबरमती रिवरफ्रंट के भूदर के आरा तट तक श्रद्धा का सैलाब उमड़ा।
साबरमती रिवरफ्रंट पर गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, महापौर प्रतिभा जैन, अविचलदास महाराज, जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीपदास महाराज, ट्रस्टी महेन्द्र झा ने बोट से साबरमती नदी में जाकर गंगा पूजन किया। इसके बाद यहां से 108 कलशों में जल भरकर जगन्नाथ मंदिर ले जाया गया। जहां 108 कलशों के जल से भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बलदाऊ का जलाभिषेक किया गया। ज्येष्ठा नक्षत्र में भगवान का जलाभिषेक किया जाता है, इसिलए इसे ज्येष्ठाभिषेक भी कहा जाता है। इस दौरान मंदिर परिसर जय रणछोड़ माखन चोर के नाद से गूंजता सुनाई दिया। जलाभिषेक के बाद पूजा अर्चना की गई।

भगवान जगन्नाथ का गजवेश श्रृंगार

जलाभिषेक के बाद भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बलदाऊ का गजवेश श्रृंगार किया गया। इस दिन ही भगवान इस अद्भुत रूप में नजर आते हैं। इसके बाद भगवान की महाआरती की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दौरान मंदिर में भगवान के इस श्रृंगारित रूप को देखने के लिए पहुंचे थे।

ननिहाल पहुंचे भगवान का बैंडबाजा से स्वागत, 15 दिन नहीं होंगे दर्शन

शनिवार शाम को भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बलदाऊ के साथ अपने सरसपुर स्थित ननिहाल रणछोड़राय मंदिर पहुंचे। वहां उनका गर्मजोशी से बैंड बाजा के साथ स्वागत किया गया। उनके स्वागत में भी शोभायात्रा निकाली गई। जिसके यजमान बापूनगर विधायक दिनेश कुशवाह व उनके परिजन बने। भगवान के ननिहाल में रहने के चलते जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में 15 दिनों तक उनके दर्शन नहीं होंगे। उधर सरसपुर में भगवान जगन्नाथ के पहुंचने पर यहां आगामी 15 दिनों तक भक्तिपूर्ण माहौल रहेगा। अलग अलग धार्मिक कार्यक्रम, पूजा अर्चना, आरती की जाएगी।

मामेरा दर्शन 2 को

रथयात्रा के दिन मामेरा (भात) की परंपरा निभाई जाती है। मामेरा में भेंट किए जाने वाले गहने, वस्त्र व अन्य वस्तुओं को स्थानीय लोग दो जुलाई को निहार सकेंगे। इस वर्ष मामेरा के यजमान की भूमिका छगन प्रजापति एवं उनके परिजन निभाएंगे।

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