सादगी से मनाई जलाराम बापा की जयंती

कोरोना संक्रमण में वृद्धि के चलते शोभायात्रा, भोजन समारोह सहित सभी कार्यक्रम रद्द

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 21 Nov 2020, 10:47 PM IST

राजकोट. शहर, वीरपुर, जिले व सौराष्ट्र में जलाराम बापा की जयंती शनिवार को सादगी से मनाई गई। शोभायात्रा, भोजन समारोह सहित अन्य सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए।
जिले के वीरपुर में जलाराम बापा की जयंती सादगी से मनाई गई। इस वर्ष दिवाली के बाद कोरोना संक्रमण में वृद्धि के चलते गादीपति रघुराम बापा की ओर से सादगी से जयंती मनाने का निर्णय करने व भक्तों को वीरपुर आने के बजाए घर पर ही आयोजन करने की अपील की गई। इसके चलते प्रतिवर्ष भक्तों की ओर से केक काटने, शोभायात्रा निकालने, भोजन समारोह आयोजित करने के किए जाने वाले कार्यक्रम इस वर्ष रद्द कर दिए गए।
हालांकि जलाराम बापा के परिवारजनों ने शनिवार सवेरे बापा की समाधि पर पूजा करने के बाद मंदिर को दर्शन के लिए खोला। रात साढ़े नौ बजे तक मंदिर खुला रहा और सवेरे 10 से रात 10 बजे तक प्रसाद वितरण किया गया। वीरपुर में जलियाणाधाम व्यापारी मंडल की ओर से रास्तों व मुख्य बाजारों में ध्वजा, पताका व रोशनी से सजावट की गई।

कल से दर्र्शनार्थियों के लिए बंद रहेगा मंदिर व अन्नक्षेत्र

गादीपति रघुराम बापा व भरत चांदरणी के अनुसार वीरपुर में जलाराम बापा का मंदिर व अन्नक्षेत्र आगामी सोमवार यानी 23 नवंबर से दर्शनार्थियों के लिए बंद करने का निर्णय किया गया है।

राजकोट में अन्नकूट

राजकोट शहर में जलाराम बापा के मंदिर में शनिवार शाम को अन्नकूट का भोग धराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मास्क पहनकर व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मंदिर में दर्शन किए।
जूनागढ़. शहर में भी जलाराम बापा की जयंती पर मंदिर में अन्नकूट का भोग धराया गया। भक्तों ने मास्क पहनकर व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मंदिर में दर्शन किए।

सूरत से पैदल संघ पहुंचा वीरपुर

गत 12 वर्ष से सूरत से वीरपुर पैदल चलकर आने वाले यात्रियों का संघ 16वें दिन वीरपुर पहुंंचा। इन यात्रियों ने विश्व से कोरोना की महामारी दूर होने की प्रार्थना की। इस संघ के परेश पटेल व बिपिन मोदी ने कहा कि 100 लोगों के साथ उनका संघ दीपावली से पहले गत 7 नवम्बर को सूरत से रवाना हुआ था।
रवानगी से पहले सभी लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया। सेनेटाइजर व मास्क के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रवाना हुए। वीरपुर पहुंचते ही गांव के प्रवेश द्वार पर पूजा की गई। भजन-कीर्तन करते हुए सभी लोग जलाराम बापा की समाधि स्थल का दर्शन करते हुए मंदिर पहुंचे।

Rajesh Bhatnagar
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