सुरेन्द्रनगर का केवल दुनिया छोड़ते हुए भी दे गया चार को जीवन

सूरत के 22 वर्षीय युवक में धड़का केवल का दिल
कोरोना काल में पहली बार पीपीई किट पहनकर किया ट्रान्सप्लान्ट

By: Omprakash Sharma

Published: 21 Sep 2020, 12:00 AM IST

अहमदाबाद. सुरेन्द्रनगर का 19 वर्षीय केवल पटेल दुनिया से जाते-जाते पांच को नया जीवन दे गया। पिछले दिनों सड़क दुर्घटना में घायल हुए इस युवक के दो किडनी, लीवर, पेनक्रियाज तथा हृदय से पांच जन को नया जीवन मिला है। सिम्स अस्पताल में इस युवक का हृदय सूरत निवासी 22 वर्षीय एक युवक को स्थापित किया गया। यह युवक वर्षों से हृदय रोग से पीडि़त है।
सुरेन्द्रनगर में दो बहनों के बीच अकेले भाई केवल पटेल (19) सड़क दुर्घटना में पिछले दिनों गंभीर रूप से घायल हो गया था। उस दौरन अचेत अवस्था में उपचार के लिए एक से दूसरे और दूसरे से तीसरे अस्ताल ले जाया गया। लेकिन केवल होश मेें नहीं आया। अन्तत: चिकित्सकों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। अकेले पुत्र के ब्रेन डेड होने पर गहरे शोक में डूबे परिवार ने मानवीय अभिगमन अपनाने हुए अपने लाड़ले के अंगों से जरूरतमंदों को जीवन देने का निर्णय लिया। ब्रेन डेड केवल को शहर के सिविल अस्पताल परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिस एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) अर्थात किडनी अस्पताल ले जाया गया। जहां दो किडनी, लीवर, पेनक्रियाज और हृदय का दान किया गया। इन अंगों से पांच जरूरतमंद लोगों को नया जीवन दिया जा सका।
सूरत के युवक को हृदय से मिला जीवन
शहर के सिम्स अस्पताल में केवल के हृदय को सूरत निवासी एक युवक में स्थापित किया गया। 22 वर्षीय यह युवक पिछले दस वर्षों से डायलेटेड कार्डियोमायोप नामक बीमारी से ग्रस्त था। सिम्स अस्पताल के मुख्य ट्रान्सप्लान्ट सर्जन डॉ. धीरेन शाह ने बताया कि केवल का हृदय सूरत निवासी इस युवक में धड़कने लगा है। ट्रान्सप्लान्ट के बाद युवक की हालत में सुधार हो गया है। डॉ. धीरेन ने बताया कि देश और गुजरात में पहली बार है जब पीपीई किट पहनकर कोरोना काल में हृदय का ट्रान्सप्लान्ट किया गया हो। सिम्स अस्पताल में यह 11वां हृदय ट्रान्सप्लान्ट है। गुजरात में सिम्स अस्पताल मेें ही हृदय ट्रान्सप्लान्ट किए जाते हैं।

Omprakash Sharma Reporting
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