500 रुपए की दर के 385 नकली नोट मिलने के मुख्य आरोपी को आजीवन कैद

तीन को 10-10 वर्ष की सजा, तीन को किया आरोप मुक्त

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 30 Jan 2021, 11:36 PM IST

राजकोट. भावनगर जिले में वर्ष 2015 में 500 रुपए की दर के 385 नकली नोट मिलने के मामले में जिला न्यायाधीश ने मुख्य आरोपी को आजीवन कैद, स्वामीनारायण मंदिर के एक संत सहित तीन आरोपियों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाते हुए तीन अन्य आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया।
सूत्रों के अनुसार भावनगर के जिला एवं सेशन न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य सरकारी वकील विपुल देवमुरारी की दलीलों को ध्यान में रखते हुए जिला न्यायाधीश आर.टी. वच्छाणी ने फैसला सुनाया। उन्होंने मुख्य आरोपी भावनगर में घोघा चुंगी नाका क्षेत्र निवासी भुपत पोपट झापडिया को आजीवन कैद की सजा सुनाई।
उसके अलावा बोटाद जिले के ढसा स्थित स्वामीनारायण मंदिर के संत स्वामी अक्षरप्रसाददास (मूल नाम अरविंद पोपट सावलिया) के साथ महेन्द्रसिंह उर्फ मुनो जितुभा गोहिल, कावा मेपा मेर सहित तीन आरोपियों को 10-10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई। इनके अलावा लक्ष्मण भीमा गोहिल, राजु पोपट डोडिया व चंदु अमरशी शिंगाला को आरोप मुक्त कर दिया।
गौरतलब है कि भावनगर जिला पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम ने भावनगर शहर के भरत नगर क्षेत्र स्थित जीएमडीसी क्वार्टर के सामने मैदान से पिछली 22 मार्च 2015 को 500 रुपए की दर के 385 नकली नोट के साथ आरोपियों को पकड़ा था। उसके बाद न्यायालय में आरोप-पत्र पेश किया था।

Rajesh Bhatnagar
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