उम्मीदवारों का भविष्य ईवीएम में बंद

स्थानीय निकाय के चुनाव संपन्न

By: Gyan Prakash Sharma

Published: 08 Nov 2020, 08:58 PM IST

सिलवासा. स्वायत्त शासी संस्थाओं के चुनाव में दादरा नगर हवेली के मतदाताओं ने फैसला इवीएम में बंद कर दिया है। नगर परिषद की 15 व जिला पंचायत की 20 सीटों के लिए रविवार सवेरे 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। मतदान केंद्रों पर दोपहर तक शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं की कतारें लगी रहीं। शहरी क्षेत्रों के बूथों पर मतदाताओं की संख्या अधिक होने से शाम पांच बजे तक भीड़ देखी गई। कई बूथों पर देर शाम तक मतदान चलता रहा।


सुबह 7 बजे मतदान शुरू होते ही केंद्रों पर मतदाता आने शुरू हो गए। शुरू के दो घंटे मतदान की गति धीमी रही, लेकिन बाद में तेजी आई। सवेरे १० बजे तक 18 प्रतिशत मतदान हुआ जो शाम 5 बजे तक गांवों में 60 प्रतिशत से अधिक मतदान होने की खबर है। रविवार का दिन होने से उद्योग, संस्थाओं में काम करने वाले मतदाताओं को परेशानी नहीं हुई। कुछ पोलिंग स्टेशनों पर मतदान जारी रहने से आंकड़ा बढ़ सकता है। मतदान के दौरान कहीं भी अप्रिय घटना नहीं हुई। शांतिपूर्ण मतदान होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली।


गांवों में जिला पंचायत के साथ सरपंच व ग्राम पंचायत सदस्य के लिए चुनाव हुए। जिले में 20 पंचायतों के 183 वार्डों में से 7 वार्डों में सदस्य पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। रविवार को 176 वार्ड के लिए मतदान हुआ। वार्डों में भाजपा व जनता दल यू के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला देखा गया। कांग्रेस ने कई जगह उम्मीदवार ही खड़े नहीं किए। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार मतदान के बंद होने होने के समय शाम 6 बजे तक 50 से अधिक केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ थी। शहर में मतदाता सवेरे जल्दी 7 बजे घरों से निकलने लगे।


दोपहर तक झंडा चौक, टोकरखाड़ा, बाविसा फलिया, डोकमर्डी, भुरकुड फ़लियां में जागरूक मतदाताओंं ने उत्साह के साथ भाग लिया। सांसद मोहन डेलकर, पूर्व सांसद नटू पटेल, निर्वतमान एसएमसी प्रमुख राकेशसिंह चौहान, उपप्रमुख अजय देसाई ने भी अपने वार्ड में मताधिकार किया। कोविड-19 संक्रमण को ध्यान में रखकर इस बार सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सभी को मतदान का अवसर दिया गया। गांवों में भी मतदान के प्रति लोग उत्सुक दिखाई दिए। सवेरे १० बजे तक किलवणी, रांधा, दादरा के पोलिंग स्टेशनों पर 10 बजे तक मतदाताओं की भीड़ हो गई।


लुहारी खरड़पाड़ा में मतदान के लिए लोगों को धूप में खड़ा रहना पड़ा। आदिवासी बाहुल्य दुधनी, मांदोनी, सिंदोनी, कौंचा, खेरड़ी, आबोली में केंद्र दूर होने के बावजूद मतदाताओं ने पैदल जाकर वोट दिए। कई ग्रामीण टेम्पो की सहायता से केंद्र पहुंचे। मतदान के दौरान पुलिस एवं बटालियन के जवान चुस्त दिखे। बिना आइडी, थर्मल स्क्रीनिंग व मास्क का उपयोग नहीं करने वाले किसी भी मतदाता को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। 18 वर्ष की आयु पूरी कर पहली बार मताधिकार का प्रयोग करने वाले युवाओं में मतदान के प्रति जोश और वोट डालने के बाद उनकी खुशी देखते ही बन रही थी। रांधा की 86 वर्षीया रमीलाबेन रमण ने बताया कि चुनाव में मतदान करके उन्हें बहुत खुशी होती है।

Gyan Prakash Sharma Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned