Railway news: पहली महिला डीजल इंजन ड्राइवर बनी थी गुजरात से...!!!

Loco piolot, disel engine, Gujrat, ahmedabad news, Railway, Railway guard, station master

By: Pushpendra Rajput

Published: 07 Mar 2020, 09:38 PM IST

गांधीनगर. भारतीय रेल (indian railway) के 167 वर्षों के इतिहास में डीजल इंजन (Disel engine) लोको पायलट (Loco piolot) और सहायक स्टेशन मास्टर ऐसे पद रहे हैं, जहां सामाजिक और चुनौतीपूर्ण पदों के कारणों से महिलाओं की नियुक्ति नहीं हो पाई थी, लेकिन अब ट्रेनों के लोको पायलट, गार्ड और रेलवे स्टेशन (Railway station) पर स्टेशन मास्टर वाले इन तीनों चुनौतीभरे पदों पर भी महिलाओं (Women) की नियुक्ति हो चुकी है।

अहमदाबाद के सहायक मंडल यांत्रिक इंजीनियर विमलेश चन्द्र ने बतााया कि इन महिलाओं में पहली महिला डीजल इंजन लोकोपायलट गुजरात के वलसाड से हैं वहीं राज्य के ही सुरेन्द्रनगर की महिला सहायक स्टेशन मास्टर बनीं।

मुमताज बनी पहली डीजल इंजन लोको पायलट

भारतीय रेल में पहली महिला डीजल रेल इंजन ड्राइवर मुमताज़ मकसूद अहमद काजी (पूर्व नाम-मुमताज़ काथावाला) हैं। वलसाड जिले में गणदेवी कस्बे में जन्मी मुमताज की प्रारंभिक पढ़ाई मुंबई में हुई। वे वर्ष 1990 में रेलवे में भर्ती हुई और वर्ष 1991 को ट्रेनीज डीजल सहायक लोको पायलट पद पर मध्य रेलवे के मुंबई मण्डल में हुआ। 20 वर्ष की आयु में डीजल इंजन चलाने वाली वे पहली महिला बनीं। वर्ष 2001 में डीजल और बिजली इंजन चलाने के लिए मालगाड़ी लोको पायलट बनीं। वर्ष 1995 में उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल हुआ।

प्रतिमा बनी महिला सहायक स्टेशन मास्टर

भारतीय रेलवे में पहली महिला सहायक स्टेशन मास्टर के रूप में प्रतिमा एच. सेठ का नाम दर्ज है। वर्ष 1964 में जन्मी प्रतिमा राज्य के सुरेन्द्रनगर जिले के वढवाण की रहने वाली हैं। नवंबर 1987 में वे अहमदाबाद से रेलवे में भर्ती हुई थी। वर्ष 1988 को प्रोबेशनर सहायक स्टेशन मास्टर बनी। उनकी सबसे पहली पोस्टिंग 19 सितंबर 1988 को राजकोट मण्डल के बांकानेर जंक्शन स्टेशन पर हुई थी। वर्तमान में वे राजकोट स्टेशन पर कार्यरत हैं।

Pushpendra Rajput Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned