संज्ञेय अपराध बनने पर हार्दिक के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करें

संज्ञेय अपराध बनने पर हार्दिक के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करें

Uday Kumar Patel | Publish: Feb, 15 2018 09:54:37 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

ब्रह्म समाज को लेकर अशोभनीय टिप्पणी का मामला

अहमदाबाद. गुजरात उच्च न्यायालय ने ब्रह्म समाज को लेकर अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के खिलाफ शिकायतकर्ता की ओर से पेश सबूत को ध्यान में रखते हुए संज्ञेय अपराध बनने पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए गए सबूत की जांच की जाए। यदि आरोपी के खिलाफ संज्ञेय अपराध बनता है या नहीं इसकी जांच की जाए। यदि अपराध बनता है तो शिकायत दर्ज की जाए। यदि सबूत को ध्यान में लेने पर अपराध नहीं बनता है तो 15 दिनों में कारणों के साथ इसकी जानकारी शिकायतकर्ता को दी जाए।
गत दिसम्बर महीने में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) के मुख्य संयोजक हार्दिक की ओर से 2 ब्राह्मण लड़कियों के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की गई थी। ब्रह्म समाज को लेकर की गई टिप्पणी के कारण समाज की ओर से भारी नाराजगी व्यक्त की गई थी। दूसरी ओर ब्रह्म संघर्ष समिति के अभिषेक शुक्ल की ओर से चांदखेड़ा पुलिस को अर्जी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि हार्दिक ने एक समाज को ध्यान में रखकर गंभीर प्रकार की टिप्पणी की है, इसलिए पाटीदार नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज की जाए।
करीब डेढ़ महीने तक कोई शिकायत दर्ज नहीं किए जाने के कारण यह मामला उच्च न्यायालय पहुंचा। इसमें याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि जरूरी सभी दस्तावेज दिए जाने के बावजूद पुलिस शिकायत नहीं दर्ज करती। हार्दिक ने समाज के संबंध में दिए गए बयान के कारण समाज को ठेस पहुंची है, तब हार्दिक के खिलाफ शिकायत दर्ज करनी चाहिए।

 

मंच ने जांच आयोग से प्रक्रिया आरंभ करने की मांग की

अहमदाबाद. नागरिक मंच ने नलिया दुष्कर्म प्रकरण को लेकर राज्य सरकार की ओर से गठित जांच आयोग से प्रक्रिया आरंभ करने की मांग की है। मंच की ओर से मीनाक्षी जोशी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य सरकार की ओर से इस मामले में गत वर्ष 16 मार्च को राज्य विधानसभा में नलिया दुष्कर्म प्रकरण को लेकर जस्टिस दवे की अध्यक्षता में आयोग के गठन की घोषणा की थी। इसे लेकर अधिसूचना भी जारी की गई, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई पब्लिक नोटिस नहीं जारी किया जा सका है।
जोशी के मुताबिक आयोग के गठन के 11 महीने बीत जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। पीयूसीएल गुजरात के महासचिव गौतम ठाकर ने कहा कि वे विधायकों से नलिया सहित अन्य प्रकरणों के मुद्दे विधानसभा में उठाने की मांग की है।

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