पाटण. शहर में भगवान जगन्नाथ की 138वीं रथयात्रा सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप आगामी 23 जून को निकाली जाएगी। ननिहाल से निज मंदिर पहुंचने पर आंखें आने के कारण भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व बड़े भाई बलभद्र तीनों के विग्रहों पर आंखों पर पंचद्रव्य से पट्टी बांधी गई। मंदिर में अभिषेक पूजा भी की गई।
सूत्रों के अनुसार सोशल डिस्टेन्स का पालन करते हुए निकाली जाने वाली रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व बड़े भाई बलभद्र के विग्रह के रथ के अलावा एक बैंड, निशान डंका ही सााथ होगा। इस वर्ष रथयात्रा में झांकियां नहीं होंगी। रथ पर चढ़कर पूजा नहीं करने दी जाएगी। प्रसाद वितरण भी नहीं किया जाएगा।
ननिहाल से लौटने पर तीनों की आंखें आने के कारण आंखों पर ट्रस्ट के ट्रस्टियों की ओर से बुधवार को शास्त्रोक्त विधि से व मंत्रोच्चार के बीच पंचद्रव्य से पट्टी बांधी गई। आगामी 22 जून को मंदिर परिसर में अभिषेक किया जाएगा। अगले दिन 23 जून को दोपहर 12.39 बजे तीनों के विग्रह को चांदी के रथ पर सवार किया जाएगा। महा आरती के बाद दोहपर 2 बजे रथयात्रा रवाना होगी। हिंगलाचाचर, चतुर्भुज बाग, जूना गंज बाजार, हिंगलाचाचर, घीवटा होकर रथयात्रा रात 10 बजे पुन: निज मंदिर पहुंचेगी। रथयात्रा से पहले पूरे मार्ग को सेनेटाइज किया जाएगा।
इससे पहले, जेठ वद एकादशी के अवसर पर बुधवार को विधि-विधान से धार्मिक विधि की गई। शहर में भगवान जगन्नाथ के प्राचीन मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व बड़े भाई बलभद्र तीनों की मूर्तियों को मंदिर से बाहर लाकर अभिषेक विधि की गई। यजमान परिवार व ब्राह्मणों ने पंचामृत से अभिषेक कर गंगाजल से स्नान करवाकर तीनों का शुद्धिकरण किया गया।

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