दूध पाउडर में दूध उत्पादक सहकारी संघों को हो नुकसान!

दूध पाउडर में दूध उत्पादक सहकारी संघों को हो नुकसान!

Gyan Prakash Sharma | Publish: Sep, 04 2018 03:24:18 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

प्रति किलो दूध पाउडर पर ८० रुपए का घाटा!, पर्याप्त खपत नहीं होने से आई ऐसी नौबत

महेसाणा. प्रदेश के दूध उत्पादक सहकारी संघों को दूध का पाउडर महंगा साबित हो रहा है। हाल में एक किलो दूध पाउडर तैयार करने में २५० रुपए खर्चा होता है, जिसकी तुलना में बाजार भाव १७० से लेकर २०० रुपए प्रति किलो है। ऐसे संजोगों में संघों को प्रति किलो पर ५० से ८० रुपए तक का घाटा हो रहा है।
अधिकतर दूध उत्पादक संघ कीमत कम करने को तैयार नहीं हैं, ऐसे में करोड़ों रुपए का दूध पाउडर संघों के पास एकत्रित है। अकेले महेसाणा जिला दूध उत्पादक सहकारी संघ के पास एक हजार करोड़ का दूध पाउडर है। यदि इस पाउडर का समयावधि से पूर्व व्यापार नहीं हुआ तो लाखों रुपए का नुकसान होने की आशंका है।
प्रदेश के सभी दूध उत्पादक सहकारी संघ गुजरात राज्य मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के साथ जुड़े हैं और संघ की ओर से जो दूध खरीदा जाता है उसका व्यापार एवं मार्केटिंग फेडरेशन की ओर से की जाती है। दूसरी ओर, संघों की ओर से खरीदे जा रहे दूध का व्यापार करने में फेडरेशन असमर्थ हैं। ऐसे में पाउडर बनाना आवश्यक हो जाता है। अब स्थिति यह है कि बाजार भाव में दूध पाउडर की बिक्री होने पर भी संघों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।


डेढ़ वर्ष में हो जाएगा एक्सपायर : देसाई
महेसाणा दूध सागर डेयरी के उपाध्यक्ष मोघजीभाई देसाई के अनुसार महेसाणा दूध उत्पादक सहकारी संघ की बात करें तो फिलहाल महेसाणा डेयरी के पास एक हजार करोड़ रुपए कीमत का दूध पाउडर है, जो डेढ़ वर्ष में एक्सपायर हो रहा है। ऐसे में यदि समयावधि पार से पहले पाउडर की बिक्री नहीं हुई तो डेयरी को आर्थिक नुकसान होगा।


रोजाना २७ लाख लीटर दूध एकत्रित :
देसाई के अनुसार महेसाणा दूध सागर डेयरी की ओर से रोजाना २७ लाख लीटर दूध एकत्रित किया जाता है, जिसमें से १९ लाख लीटर दूध की बिक्री हो जाती है, जबकि बाकी दूध का पाउडर बनाना जरुरी हो जाता है।

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