जनवरी में ऊंझा में होगा पाटीदार महा महिला सम्मेलन: हार्दिक

आरक्षण आंदोलन के कमजोर पडऩे पर समाज के अग्रणियों पर साधा निशाना

हिम्मतनगर. पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के सौराष्ट्र जोन के संयोजकों के बाद गुरुवार को पाटण जिले के संखारी गांव में बहुचर माता मंदिर परिसर में उत्तर गुजरात के संयोजकों का सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन में पहुंचे पास के मुख्य संयोजक हार्दिक पटेल ने कहा कि पाटीदारों को ओबीसी आरक्षण दिलाने के लिए शुरू किया गया आंदोलन आज अगर कमजोर पड़ा है तो इसके पीछे समाज के कुछ नेता जवाबदार हैं। आगामी समय में आंदोलन फिर सेे बुलंदी पर पहुंचे इसके लिए महिलाओं कीहिस्सेदारी जरूरी है। ऐसा करने के लिए जनवरी महीने में ऊंझा में पाटीदार महिलाओं का महा महिला सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें २० हजार के करीब महिलाएं उपस्थित रहेंगीं।
हार्दिक पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र में मराठाओं को १६ प्रतिशत आरक्षण वहां की सरकार ने देने की घोषणा की है। इसके लिए विधानसभा में प्रस्ताव भी पारित किया है। महाराष्ट्र के ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर और महाराष्ट्र की तर्ज पर गुजरात में भी पाटीदारों को ओबीसी आरक्षण मिले इसके लिए कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए विपक्षी दल कांग्रेस से विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्राइवेट बिल लाने की मांग की है। बिल लाने पर मालूम चलेगा कि भाजपा का इस मामले में क्या रवैया है। सम्मेलन में ऊंझा की विधायक आशाबेन पटेल, पाटण के विधायक सहित उत्तर गुजरात के विभिन्न जिला और तहसील के संयोजक उपस्थित रहे।

गुजरात ओबीसी आयोग ने आरक्षण के लिए पास प्रतिनिधियों से की चर्चा
गांधीनगर/अहमदाबाद. महाराष्ट्र सरकार की ओर से मराठाओं को ओबीसी आरक्षण देने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने की खबर के बीच गुरुवार को गुजरात ओबीसी आयोग ने पास की मांग पर पाटीदारों को आरक्षण देने के लिए सर्वे करने के उद्देश्य से जरूरी जानकारी जुटाने के लिए बैठक की। आयोग के आमंत्रण पर पास के संयोजकों की एक टीम ने आयोग से करीब एक घंटे तक मुलाकात और चर्चा की।
आयोग से मुलाकात कर निकले पास संयोजक मनोज पनारा ने संवाददाताओं को बताया कि पाटीदारों को ओबीसी आरक्षण देने के मामले में जरूरी सर्वे कराने को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। आयोग ने प्रमुख रूप से पाटीदारों की गुजरात में विभिन्न उपजातियों और उनके राज्य में क्षेत्रवार उपस्थिति का ब्यौरा मांगा है और उस पर चर्चा भी हुई। उन्होंने जाति के अलग-अलग क्षेत्रों में कितने मतदाता हैं। उनके रीति-रिवाज और वह किस उपनाम से पहचानी जाती हैं। वे किस व्यवसाय से जुड़े हैं। उस मुद्दे पर चर्चा की। इस बारे में आगामी समय में फिर मुलाकात होगी।

nagendra singh rathore
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