भगवान पाश्र्वनाथ जन्मकल्याणक पर उपवास की सामूहिक तप आराधना आरंभ

भीतर के अंधकार को मिटाने के लिए मोह उपशम करें : साध्वी रतनश्रीजी

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 09 Jan 2021, 12:40 AM IST

अहमदाबाद. अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की ओर से निर्देशित तेरापंथ युवक परिषद की स्थानीय इकाई की ओर से भगवान पाश्र्वनाथ जन्मकल्याणक के अवसर पर 1008 उपवास एवं मंत्र जप के साथ तप आराधना प्रारंभ हुई।
साध्वी रतनश्रीजी ने उद्बोधन में कहा कि हम अध्यात्म जगत में प्रवेश करें और वहां की स्थिति का आंकलन कर कुछ कहें तो कह सकते हैं कि सूर्य से भी ज्यादा तेज परमात्मा यानी तीर्थंकरों का प्रकाशवान है।
भगवान पाश्र्वनाथ का जन्म दिवस इस बात का प्रतीक है कि अपने भीतर के अंधकार को मिटाए वह मोह का अंधकार है। मोह को शांत रखने की साधना करें और भीतर में ऐसा उपशम का दीपक जलाएं, तप का दीपक जलाएं जिससे प्रकाश हो और हमारी चेतना राग-द्वेष की तीव्रता से मुक्त हो जाए। आज के दिन विशेष संकल्प करें जो बारह महीने तक निरंतर चले ताकि हमारे भीतर की और बाहर की दोनों प्रकार की शुद्धि होती रहे।
साध्वी हिमश्रीजी ने कहा कि धर्म तो जीवन में शांति के लिए है, धर्म करते हुए भी अगर अशांत ही रहे तो फिर धर्म करने का प्रयोजन ही क्या रहा? हमारे जीवन में परिवर्तन लाने के लिए भगवान पाश्र्वनाथ के जन्मदिन पर विशेष मंंत्र - ओम हृीं श्रीं क्लिं चिन्तामणि पाश्र्वनाथाय नम: की साधना करें। साध्वी रमावती, साध्वी मुक्तियशा एवं साध्वी चैतन्ययशा के निर्देशन में आयोजन हुआ।
तेरापंथ युवक परिषद की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष पंकज डांगी, अभातेयुप के दिनेश बुरड़, अणुव्रत समिति की स्थानीय इकाई के मंंत्री सुरेश बागरेचा, जवेरीलाल संकलेचा, प्रकाश भरसारिया, तेयुप की स्थानीय इकाई के उपाध्यक्ष अरविन्द संकलेचा, ललित बैगवानी, कोषाध्यक्ष दिलीप भंसाली, के अलावा कपिल पोखरना आदि मौजूद थे।

Rajesh Bhatnagar
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